पीएम मोदी का राजस्थान और गुजरात दौरा, हेल्थ सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी पावर का संगम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज राजस्थान और गुजरात दौरे पर रहेंगे. यहां वे स्वास्थ्य और तकनीक से जुड़े दो बड़े राष्ट्रीय अभियानों की शुरुआत करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज राजस्थान और गुजरात के एक दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वे स्वास्थ्य और तकनीक से जुड़े दो बड़े राष्ट्रीय अभियानों की शुरुआत करेंगे. इस दौरे का उद्देश्य एक ओर महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूत करना है, तो दूसरी ओर भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है.
सुबह करीब 11:30 बजे अजमेर पहुंचेंगे पीएम मोदी
दौरे की शुरुआत राजस्थान से होगी, जहां प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे अजमेर पहुंचेंगे. यहां वे 16,680 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इस दौरान वे देशभर में 14 वर्ष की किशोरियों के लिए ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करेंगे. यह पहल महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इस अभियान का उद्देश्य कम उम्र में ही लड़कियों को इस गंभीर बीमारी से बचाव के लिए सुरक्षा प्रदान करना है, जिससे भविष्य में कैंसर के मामलों में कमी लाई जा सके.
इसके अलावा प्रधानमंत्री अजमेर में 43 से अधिक विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे, जिनमें सड़क निर्माण, शहरी बुनियादी ढांचा और पेयजल से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं. इस मौके पर वे राज्य के 21,800 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और युवाओं को सरकारी सेवाओं में शामिल होने का मौका मिलेगा.
राजस्थान के बाद गुजरात पहुंचेंगे पीएम मोदी
राजस्थान के बाद प्रधानमंत्री गुजरात के साणंद पहुंचेंगे, जहां वे माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन करेंगे. यह संयंत्र सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (ATMP) से संबंधित है और इसे भारत के तकनीकी विकास में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इस प्लांट से देश में बने सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल का व्यावसायिक उत्पादन और आपूर्ति शुरू हो चुकी है, जिससे भारत की वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में स्थिति मजबूत होगी.
इस परियोजना की आधारशिला सितंबर 2023 में रखी गई थी और इसे इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूरी दी गई थी. करीब 22,500 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार यह संयंत्र भारत में हाई-टेक निर्माण को बढ़ावा देगा और देश को सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा. प्रधानमंत्री का यह दौरा स्वास्थ्य सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता, दोनों क्षेत्रों में भारत की प्रगति को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है.


