इंस्टाग्राम-टिंडर पर लड़कियों की फर्जी ID बनाकर ठगी, राजस्थान गैंग का पर्दाफाश
फरीदाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से ठगी करने वाले राजस्थान के एक गैंग का भंडाफोड़ किया है. आरोपी लड़की की आवाज में बात कर लोगों को फंसाते थे और फिर पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे वसूलते थे.

फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने राजस्थान के इस गैंग के सरगना समेत पांच आरोपियों को जयपुर से गिरफ्तार किया है.
आरोपी इंस्टाग्राम और टिंडर जैसे प्लेटफॉर्म पर लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते थे. इसके बाद फोन पर लड़की की आवाज में बात कर लोगों को भरोसे में लिया जाता था और फिर उन्हें डराकर पैसे वसूले जाते थे.
जयपुर से पकड़ा गया पूरा गैंग
फरीदाबाद पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान के करौली जिले के रहने वाले भगवान सिंह, देवा गुर्जर, बिजेंद्र, धीरज और मनीष के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक, भगवान सिंह इस पूरे गिरोह का सरगना है. आरोपियों को जयपुर के जगतपुरा इलाके स्थित ‘लोटस व्हाइट’ आवासीय सोसायटी के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया.
सोशल मीडिया पर बनाते थे फर्जी प्रोफाइल
जांच में सामने आया है कि आरोपी इंस्टाग्राम और टिंडर पर लड़कियों की तस्वीरें लगाकर नकली प्रोफाइल तैयार करते थे. इसके जरिए वे लोगों से दोस्ती करते और उन्हें अपने जाल में फंसाते थे.
फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार, जब फोन पर बातचीत की जरूरत पड़ती थी, तब गिरोह का सरगना भगवान सिंह लड़की की आवाज में बात करता था, जिससे सामने वाला आसानी से झांसे में आ जाता था.
अलग-अलग सदस्यों की थी अलग जिम्मेदारी
पुलिस के मुताबिक, देवा गुर्जर, बिजेंद्र और धीरज लोगों से बातचीत कर उन्हें फंसाने का काम करते थे. वहीं, मनीष ठगी से हासिल रकम जमा कराने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराता था.
गिरोह के सदस्य मिलकर पूरे नेटवर्क को संचालित करते थे और लोगों से पैसे ऐंठने के बाद रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देते थे.
पुलिस अधिकारी बनकर देते थे धमकी
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले लोगों से अश्लील बातचीत करते थे. इसके बाद खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कॉल करते और गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे मांगते थे.
आरोपी यह दावा करते थे कि लड़की के परिवार की ओर से शिकायत की गई है और मामला दर्ज होने से बचने के लिए रकम देनी होगी. इसी डर का फायदा उठाकर वे लोगों से ठगी करते थे.
45 हजार रुपये की ठगी के बाद खुला मामला
यह मामला ओल्ड फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के बाद सामने आया. पीड़ित ने बताया कि 20 जनवरी को उसके पास एक कॉल आई, जिसमें बात करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया.
कॉल करने वाले ने अश्लील बातचीत के आरोप में गिरफ्तारी का डर दिखाया और मामले से बचाने के नाम पर पैसे मांगे. आरोपियों ने पीड़ित से 45 हजार रुपये से अधिक की रकम ठग ली थी.


