Parliament Budget Session 2026: लोकसभा में सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान ने तूफान खड़ा कर दिया. उन्होंने चीन के साथ सीमा विवाद पर बात करते हुए पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे के संस्मरणों का जिक्र किया और दावा किया कि डोकलाम इलाके में चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा के करीब हैं.
इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताई और राहुल को खुला चैलेंज दे दिया. सदन में हंगामा चल रहा है, जिसमें अमित शाह और अखिलेश यादव जैसे नेता भी शामिल हुए हैं.
राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में कहा कि वे जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब के आधार पर यह जानकारी दे रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि किताब में चीन की हरकतों का जिक्र है, जो सीमा पर खतरा दिखाती है.
राहुल ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह चीन के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है लेकिन उन्होंने यह भी कबूल किया कि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है. इस बयान से सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया और विपक्षी सदस्यों ने राहुल का समर्थन किया, जबकि सत्तापक्ष ने इसे गलत बताया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के दावे पर सवाल उठाते हुए उन्हें चुनौती दी. उन्होंने कहा कि अगर किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, तो उसके आधार पर सदन में ऐसे गंभीर दावे कैसे किए जा सकते हैं? राजनाथ ने राहुल से किताब दिखाने को कहा और जोर दिया कि अप्रकाशित सामग्री का जिक्र सदन की गरिमा के खिलाफ है.
उन्होंने कई बार खड़े होकर अपनी बात दोहराई और कहा कि चीन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं दिए जाने चाहिए. राजनाथ ने यह भी कहा कि सरकार सीमा की रक्षा में पूरी तरह सक्षम है और ऐसे दावों से देश की सुरक्षा पर असर नहीं पड़ता.
गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सदन में अप्रकाशित किताब का हवाला देकर भ्रम फैलाना गलत है. इस दौरान कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की पुरानी स्पीच का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने भी बाहर के संदर्भों का इस्तेमाल किया था लेकिन अमित शाह ने इसका खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि तेजस्वी ने 2004 से 2014 तक के राष्ट्रपति अभिभाषणों पर बात की थी, जो सदन से जुड़े थे. उन्होंने कहा कि राहुल का दावा पूरी तरह अलग है और इसमें कोई तथ्य नहीं है.
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का साथ देते हुए कहा कि चीन का मुद्दा बहुत संवेदनशील है. उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया और मुलायम सिंह यादव का जिक्र किया, जो हमेशा सीमा सुरक्षा पर चिंता जताते थे. अखिलेश ने कहा कि विपक्ष के नेता को अपनी बात रखने का हक है और सरकार को इसे रोकना नहीं चाहिए. लेकिन सदन में हंगामा कम नहीं हुआ.
राहुल ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि वे आतंकवाद से लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन एक किताब के कोट से डर जाते हैं. उन्होंने पूछा कि किताब में ऐसा क्या है जो सरकार छिपाना चाहती है. First Updated : Monday, 02 February 2026