ममता बनर्जी अब 'गद्दारों की बहन' बन गई? जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने पश्चिम बंगाल की सीएम पर बोला हमला, मुस्लिम तुष्टिकरण का खुला आरोप!

जयपुर के तुलसी पीठ के प्रमुख जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे सिर्फ नाम की बनर्जी हैं, उनकी सारी राजनीति मुस्लिम वोटों के तुष्टिकरण पर चल रही है.

Sonee Srivastav

जयपुर: तुलसी पीठ के प्रमुख जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अब सिर्फ नाम से बनर्जी हैं, उनकी सारी राजनीति मुस्लिम वोटों के तुष्टिकरण पर चल रही है. रामभद्राचार्य का मानना है कि बंगाल में हिंदू समाज की भावनाओं को पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है.

नाम की बनर्जी, काम मुस्लिम तुष्टिकरण का

रामभद्राचार्य ने गुरुवार को अपने संबोधन में कहा कि ममता बनर्जी हिंदू समाज से दूर हो गई हैं. वे सिर्फ नाम के लिए बनर्जी रह गई है, लेकिन उनका पूरा समर्थन और नीतियां मुस्लिम समुदाय को खुश करने के लिए है. उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की सत्ता अब वोट बैंक की राजनीति पर टिकी है, जहां हिंदुओं के हित और भावनाओं की कोई जगह नहीं बची. यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल में धार्मिक मुद्दों पर तनाव बढ़ रहा है.

ममता हिन्दुओं की नही है बहन 

यह पहली बार नहीं है जब रामभद्राचार्य ने ममता पर निशाना साधा हो. पहले भी बंगाल में बाबरी मस्जिद जैसे नाम से मस्जिद बनने के मुद्दे पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई थी. उस समय उन्होंने कहा था कि वे अब ममता बनर्जी को बहन नहीं कह सकते. वे हिंदू समाज की बहन नहीं रही, बल्कि उन लोगों की बहन बन गई हैं जिन्हें वे गद्दार मानते हैं. 

रामभद्राचार्य ने इतिहास के कुछ नाम लिए, जैसे जयचंद, मानसिंह, मोहम्मद गोरी, चंगेज खान और महमूद गजनवी. उनका कहना था कि ऐसे लोगों की सोच का समर्थन करने वालों से हिंदू समाज का कोई रिश्ता नहीं रखना चाहता. उन्होंने ममता बनर्जी से साफ कहा कि किसी भी नई मस्जिद बनने से हिंदुओं को कोई समस्या नहीं है, लेकिन बाबर जैसे आक्रमणकारी के नाम पर मस्जिद बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता. 

राजनीतिक हलचल बढ़ी

रामभद्राचार्य के इन बयानों से राजनीतिक माहौल गरमा गया है. उनके समर्थक इसे हिंदू अधिकारों और भावनाओं की मजबूत आवाज बता रहे है. दूसरी तरफ, ममता बनर्जी के समर्थक और विपक्षी दल इसे धार्मिक ध्रुवीकरण की कोशिश करार दे रहे हैं. बंगाल में पहले से ही कई धार्मिक और साम्प्रदायिक मुद्दे गर्म हैं, ऐसे में यह बयान और विवाद बढ़ा सकता है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag