दुर्गा पूजा से पहले कोलकाता में रिकॉर्ड बारिश, 10 लोगों की मौत, 91 उड़ानें रद्द
कोलकाता में रातभर हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने शहर को जलमग्न कर यातायात ठप कर दिया. सड़कों, घरों और बाजारों में पानी भर गया, जिससे सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. दस लोगों की मौत हुई, 90 से अधिक उड़ानें रद्द और कई ट्रेनें प्रभावित हुईं. दुर्गा पूजा की तैयारियां बाधित रहीं. सीएम ममता बनर्जी ने स्कूल बंद और राहत कार्यों की घोषणा की.

कोलकाता में मंगलवार को हुई रातभर की भारी बारिश ने पूरे शहर को ठहराव पर ला दिया. सड़कों से लेकर घरों और बाजारों तक पानी भर गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और सामान्य जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. अलग-अलग घटनाओं में कम से कम दस लोगों की मौत हो गई, जिनमें आठ लोग बिजली के झटके से और दो लोग डूबने से मारे गए. दुर्गा पूजा से कुछ ही दिन पहले आई इस स्थिति ने उत्सव की तैयारियों पर गंभीर असर डाला है.
रेल, मेट्रो और हवाई सेवाएं प्रभावित
मूसलाधार बारिश ने परिवहन व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया. रेल और मेट्रो सेवाएं रोकनी पड़ीं. कोलकाता-अमृतसर एक्सप्रेस, कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस और कोलकाता-बालुरघाट एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों का समय बदलना पड़ा. उपनगरीय सेवाएं भी पटरियों और यार्डों में पानी भर जाने से रुक गईं.
हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा. कोलकाता हवाई अड्डे के रनवे पर पानी भरने से 90 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं और 100 से अधिक विलंबित हुईं. हवाई अड्डा प्राधिकरण ने यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और एयरलाइंस से उड़ान की स्थिति की जांच करने की सलाह दी.
रिकॉर्ड तोड़ बारिश
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि शहर में केवल तीन घंटों में 185 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो दशकों में सबसे अधिक है. अलीपुर में 24 घंटों के भीतर 247.5 मिमी बारिश दर्ज की गई. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बारिश को अविश्वसनीय बताया और कहा कि 1978 के बाद यह सबसे भारी बारिश है.
शहर के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा. गरिया कामदहारी में 332 मिमी, जोधपुर पार्क में 285 मिमी, कालीघाट में 280 मिमी और बल्लीगंज में 264 मिमी बारिश दर्ज हुई. अन्य इलाकोंमोमिनपुर, चिंगरीघाटा, पामर बाजार, धापा और उल्टाडांगामें भी जलभराव से स्थिति गंभीर हो गई.
प्रशासन की सख्त निगरानी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हालात पर नजदीकी नजर रखते हुए कई बड़े फैसले लिए. उन्होंने सभी सरकारी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को दो दिनों के लिए बंद करने की घोषणा की. साथ ही, सरकारी और निजी कार्यालयों को वर्क-फ्रॉम-होम का निर्देश दिया.
सीएम ने बताया कि राहत कार्यों के लिए नबान्न में एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जिसमें हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं. उन्होंने कहा कि “लोगों की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है” और सभी से सतर्क रहने की अपील की.
जनहानि और मुआवजा
भारी बारिश के बीच बिजली का करंट लगने से आठ लोगों की मौत पर ममता बनर्जी ने शोक जताया. उन्होंने इन मौतों के लिए बिजली वितरण कंपनी सीईएससी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया. मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक परिवार को नौकरी और सीईएससी से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया.
दुर्गा पूजा पर असर
कोलकाता में दुर्गा पूजा की तैयारियां बुरी तरह प्रभावित हुईं. कई पंडालों में पानी भर गया, जिसके कारण ममता बनर्जी को अपने निर्धारित उद्घाटन कार्यक्रम रद्द करने पड़े. हालांकि, मेयर फिरहा हाकिम ने आश्वासन दिया कि दुर्गा पूजा का आयोजन सुचारू रूप से होगा, भले ही मौसम प्रतिकूल क्यों न हो.
आगे की चेतावनी
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है और आने वाले दिनों में दक्षिण बंगाल के जिलों पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झारग्राम और बांकुरा में भारी बारिश की संभावना है. 25 सितंबर के आसपास एक और मौसम प्रणाली बनने की भी आशंका जताई गई है.


