लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का फूटा गुस्सा, RJD उम्मीदवार पर ''धंधा'' का लगाया आरोप

आरजेडी में विरोध और फूट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी और परिवार में दो फाड़ के बाद लालू का कुनबा उनके और पार्टी के हर फैसले को लेकर सवाल खड़ा करते रहे हैं और अब जब पार्टी ने सुनील कुमार सिंह को एमएलसी उम्मीदवार बनाया तो लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने उन पर संगीन आरोप लगा दिए।

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Edited By: JBT Desk

पटना :आरजेडी ने जैसे ही विधान परिषद चुनाव के लिए सुनिल सिंह को उम्मीदवार बनाया वैसे ही पार्टी के भीतर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादवप की बेटी और पार्टी नेता रोहिणी आचार्य ने इस पर फैसले पर अप्रत्यक्ष रुप से सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट के आने बाद यह माना जा रहा है कि पार्टी के भी असंतोष और आंतरिक मतभेदों का सिलसिला बदस्तूर जारी है। 

रोहिणी ने खोल दी 'पोल'!

रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किसी का नाम लिए बिना ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाए जाने पर नाराजी जताई है। उन्होंने लिखा है-''गुटबाजी-भीतरघात-विश्वासघात, मक्कारी जिसकी फितरत, विरोधियों से जिसकी मिलीभगत, नजदीकियों की बात-बात पर उगाही-वसूली करना जिसका धंधा, जो अपनी झूठ धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों को सामने बिठाकर बहन-बेटियों  के बारे में ओछी-अमर्यादित बाते हैं करता, उसको कैसे  ''उसके'' ही द्वारा उम्मीदवार बना दिया गया, जिसे सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे ले जाने, पार्टी की बेहतरी की जिम्मेदारी लालू जी ने सौंपी? समर्पित-निष्ठावन कार्यकर्ताओं-नेताओं का टोंटा पड़ गया है क्या ? ऐसे ही लोगों की वजह से वर्षों से मजबूती के साथ खड़े कार्यकर्ताओं-समर्थकों में विक्षोभ-असंतोष भी है और ऐसे ही लोगों की वजह से हुआ नुकसान भी दिख ही चुका है, बीते वर्ष के नवंबर के महीने में पार्टी की स्थापना के समय से लेकर आज तक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े एक नहीं अनेकों समर्पित, सम्मानित, जमीन से जुड़े कट्टर लालूवादी अल्पसंख्यक चेहरे हैं, यादव, दलित, पिछड़े और वंचित समाज से आने वाले वरिष्ठ व युवा लोग हैं ऐसे लोगों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है और पार्टी हित में तो कतई नहीं है। 

रोहिणी के पोस्ट के गरमाई राजनीति

रोहिणी ने अपने पोस्ट में यह भी सवाल उठाया कि क्या पार्टी में अब समर्पित,  निष्ठावान कार्यकर्ताओं और नेताओं की कमी हो गई है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने और पार्टी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी जिन लोगों को सौंपी गई है वे ऐसे व्यक्तियों को आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। आरजेडी के इस नेता की टिप्पणी को सीधे तौर पर सुनील कुमार सिंह की उम्मीदवारी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि रोहिणी ने अपने पोस्ट में किसा का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे उसी फैसले के खिलाफ प्रतिक्रिया माना जा रहा है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बिहार में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। 

पार्टी के भविष्य को लेकर रोहिणी चिंतित 

रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि पार्टी की स्थापना के समय से लेकर आज तक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े एक नहीं अनेकों समर्पित सम्मानित, जमीन से जुड़े कट्टर लालूवादी अल्पसंख्यक चेहरे हैं, यादव, दलित, पिछड़े और वंचित समाज से आने वाले वरिष्ठ और युवा लोग हैं, ऐसे लोगों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय हैं और पार्टी के हित में तो कतई नहीं है। हालांकि रोहिणी आचार्य की टिप्पणी पर आरेजडी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन जिस तरह से रोहिणी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है उससे तो लगता है कि पार्टी और परिवार के अंदर अंदरुनी खींचतान लगातार जारी है।  

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