तमिलनाडु चुनाव से पहले सीट बंटवारे पर हलचल, कांग्रेस को 27 सीटें देने पर विचार

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक डीएमके कांग्रेस को 27 विधानसभा सीटें और एक राज्यसभा सीट देने पर विचार कर रही है, जबकि सत्ता में हिस्सेदारी की मांग फिलहाल चर्चा से बाहर रही.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार, द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) अपने सहयोगी कांग्रेस पार्टी को 27 विधानसभा सीटें और एक राज्यसभा सीट देने की पेशकश कर सकती है.

रविवार रात मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच हुई बैठक के बाद यह संकेत सामने आया है. हालांकि सत्ता में हिस्सेदारी की कांग्रेस की मांग पर इस बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई.

सत्ता साझेदारी पर नहीं बनी बात

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के एक वर्ग द्वारा गठबंधन सरकार में हिस्सेदारी की मांग उठाई गई है. कुछ नेता सीटों की संख्या दोगुनी करने की पैरवी कर रहे हैं, जिससे दोनों दलों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है.

2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने डीएमके के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन में 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इस बार डीएमके कुछ अतिरिक्त सीटें देने को तैयार दिखाई दे रही है.

स्टालिन-वेणुगोपाल बैठक में क्या हुआ?

बताया गया कि वेणुगोपाल ने रविवार रात स्टालिन के आवास पर मुलाकात कर उन्हें पार्टी उच्च कमान का एक सीलबंद लिफाफा सौंपा. इस दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव भी मौजूद थे.

बैठक में स्टालिन की सौतेली बहन और सांसद कनिमोझी करुणानिधि भी शामिल रहीं, जिन्होंने हाल ही में दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की थी.

डीएमके सूत्रों के अनुसार, एआईसीसी प्रभारी गिरीश चोडंकर और तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख के सेल्वा पेरुंथगई वेणुगोपाल के साथ थे, लेकिन वार्ता में शामिल नहीं हुए.

राज्यसभा सीट पर चर्चा

डीएमके के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वेणुगोपाल राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस हाई कमान का संदेश लेकर आए थे.नेता ने कहा, "सीट बंटवारे पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई, सिवाय इसके कि कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त सीटें चाहिए थीं."

कांग्रेस नेता के अनुसार, "बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थिति को शांत करना और मौजूदा गतिरोध को तोड़ना था. हमने राज्यसभा सीट की भी मांग की है."

सूत्रों का कहना है कि अंतिम सहमति से पहले एक और बैठक हो सकती है.

गठबंधन में बढ़ता दबाव

स्टालिन पहले ही सत्ता साझेदारी से इनकार कर चुके हैं. इसके बावजूद कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने गठबंधन सरकार के पक्ष में दबाव बनाया. वहीं पदाधिकारी प्रवीण चक्रवर्ती ने पार्टी के एक वर्ग की अभिनेता विजय की नवगठित पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम के साथ गठबंधन की इच्छा पर भी संकेत दिया है, जो इस चुनाव में पहली बार उतरने जा रही है.

तनाव की खबरों के बीच कनिमोझी ने नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी.

अन्य सहयोगियों से भी बातचीत

डीएमके ने इस सप्ताह गठबंधन के अन्य दलों के साथ भी सीट बंटवारे को लेकर वार्ता शुरू कर दी है. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) बातचीत शुरू करने वाली पहली पार्टी रही.

डीएमके की सीट बंटवारे समिति के एक सदस्य ने कहा, "हमने उनसे इस बार कम सीटें स्वीकार करने को कहा है क्योंकि हमें विशेष समझौता ज्ञापन में कई सहयोगियों को शामिल करना है."

पिछले चुनाव का प्रदर्शन

पिछले विधानसभा चुनाव में डीएमके ने राज्य की 234 में से 173 सीटों पर चुनाव लड़ा था. पार्टी ने 133 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि 40 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, जिनमें अधिकांश सीटें अन्नाद्रमुक और भारतीय जनता पार्टी को मिलीं.

तमिलनाडु में इस वर्ष अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं.

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