नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में केंद्र सरकार के परिसीमन प्रस्ताव पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया को बिना सोचे-समझे लागू करने से देश को नुकसान हो सकता है. थरूर ने 2016 की नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि परिसीमन 'राजनीतिक नोटबंदी' बन सकता है.
शशि थरूर ने कहा कि सरकार ने नोटबंदी अचानक लागू की थी, जिसके नतीजे पूरे देश ने भुगते. अब उसी तरह परिसीमन को भी जल्दबाजी में आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने सरकार से अपील की कि ऐसा न करें. थरूर ने पूछा कि इन फैसलों से सहकारी संघवाद पर क्या असर पड़ेगा.
थरूर ने महिला आरक्षण को परिसीमन और सीटों की बढ़ोतरी से जोड़ने पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि सरकार इसे 'नारी शक्ति' का तोहफा बता रही है, लेकिन असल में इसे कांटेदार तारों में लपेट दिया गया है.
उनका कहना था कि महिला आरक्षण एक तैयार और जरूरी मुद्दा है. इसे मौजूदा सीटों पर तुरंत लागू किया जा सकता है. थरूर बोले, “हम महिलाओं की आशाओं को एक जटिल और विवादित प्रक्रिया का बंधक क्यों बना रहे हैं?”
थरूर ने परिसीमन के बड़े खतरे की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि इससे उन राज्यों का नुकसान होगा जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है. तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिणी राज्य जनसंख्या नियंत्रण में सफल रहे, लेकिन उत्तर के कुछ राज्यों में जनसंख्या तेजी से बढ़ी.
परिसीमन के बाद ज्यादा जनसंख्या वाले राज्यों को ज्यादा सीटें और राजनीतिक ताकत मिल सकती है. इससे दक्षिणी राज्यों की आवाज कमजोर हो सकती है. थरूर ने इसे लोकतंत्र के लिए गलत संदेश बताया.
शशि थरूर ने सरकार से मांग की कि पहले महिला आरक्षण बिल को अलग से पास किया जाए. परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों से बातचीत के बाद ही आगे बढ़ें. उन्होंने कहा कि बिना तैयारी के कोई भी कदम देशहित में नहीं होगा.
थरूर की यह बात संसद में उठी जब महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा चल रही थी. उनका निशाना साफ तौर पर केंद्र सरकार पर था. यह मुद्दा देश में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है. First Updated : Friday, 17 April 2026