श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शनिवार को घोषणा की कि भारी बारिश और खराब मौसम के कारण भवन मार्ग पर यात्रा को एक बार फिर रोक दिया गया है. यह यात्रा 19 दिनों के बाद 14 सितंबर से दोबारा शुरू होनी थी, लेकिन हालात सामान्य न होने के कारण इसे अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है.
श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि, “जय माता दी! भवन और ट्रैक पर लगातार बारिश के कारण श्री माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई है. भक्तों से निवेदन है कि वे केवल आधिकारिक सूचना माध्यमों के जरिए अपडेट प्राप्त करें.”
इससे पहले 26 अगस्त को भारी बारिश और भूस्खलन के चलते यात्रा अचानक रोकनी पड़ी थी. उस दिन अधकुंवारी के पास हुए बड़े भूस्खलन में 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे. इस त्रासदी के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन कर जांच के आदेश दिए थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस हादसे पर गहरा दुख जताया था. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि “वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन से जान-माल की हानि बेहद दुखद है. मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और मैं प्रार्थना करता हूं कि घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले.”
पिछले कुछ महीनों से जम्मू-कश्मीर लगातार भारी बारिश की मार झेल रहा है. इस वजह से कई क्षेत्रों में अचानक बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं. इन आपदाओं से न केवल ढांचागत क्षति हुई है, बल्कि सैकड़ों लोगों की जान भी गई है.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को प्रभावित इलाकों का दौरा किया और आश्वासन दिया कि क्षतिग्रस्त ढांचों का पुनर्निर्माण बेहतर मानकों के साथ किया जाएगा ताकि वे भविष्य की प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर सकें. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी तीनों राज्यों हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए हैं.
जितेंद्र सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर राहत कार्य कर रही हैं. उनका कहना था कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर हर स्तर पर प्रशासन सक्रिय है और प्रभावित लोगों की मदद के लिए सभी संसाधन लगाए जा रहे हैं. First Updated : Saturday, 13 September 2025