डीके शिवकुमार को मनाने का कांग्रेस ने बनाया नया प्लान, सिद्धारमैया के पास ही रहेगी कर्नाटक सीएम की कुर्सी!
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के लिए खींचतान जारी है. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए तकरार लगातार बढ़ता जा रहा है, ऐसे में खबरें आ रही है कि 100 से ज्यादा विधायक सिद्धारमैया के पक्ष में आ गए हैं.

कर्नाटक में कांग्रेस की राजनीति सुर्खियों में बनी हुई है. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर अभी भी खींचतान जारी है. लगातार दोनों की तरफ से बयानबाजी देखने को मिल रही है. ऐसे में खबरें आ रही है कि 100 से ज्यादा विधायक सिद्धारमैया के पक्ष में आ गए हैं.
दरअसल चुनाव से पहले किया गया वादा अब राहुल गांधी और सोनिया को भारी पड़ता हुआ दिख रहा है. पिछले कुछ समय से सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए जंग छिड़ी हुई है. हालांकि राहुल गांधी इस मसले से अभी तक बचते आ रहे हैं, लेकिन अब जल्द ही उन्हें मसला सुलझाना ही पड़ेगा.
क्या है चुनाव से पहले का वादा ?
खबरों के मुताबिक, चुनाव के दौरान आलाकमान के सामने फैसला हुआ था कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो शुरूआती समय में ढाई साल के लिए सिद्धारमैया सीएम बनेंगे. उसके ढाई साल बाद डीके शिवकुमार को सीएम की कुर्सी सौप दी जाएगी. तब तक डीके डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे.
जैसे ही ढाई साल खत्म होने का वक्त आया तो डीके ने वादे को याद दिलाते हुए अपनी मांग आलाकमान तक पहुंचा दी. तो वहीं सिद्धारमैया ने भी अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल की मांग कर दी.
राहुल गांधी से हुई मुलाकात
इस मामले को लेकर अगस्त के महीने में दोनों से राहुल गांधी से अलग-अलग मुलाकात की. हालांकि राहुल गांधी ने दोनों को उस समय समझकर कहा कि जब तक इस मामले पर फैसला नहीं लिया जाता है, तब तक दोनों अपना-अपना काम करते रहे. जैसे-जैसे समय बीतता गया डीके की तरफ से दबाव बढ़ना शुरू हो गया.
सिद्धारमैया के पक्ष में होगा सीएम की कुर्सी
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया के पक्ष में 100 से ज्यादा विधायक है. जबकि, DK के समर्थन में कुछ ही विधायक हैं जो लॉबिंग कर रहे हैं. तो वहीं बताया जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान कर्नाटक को लेकर कई प्लान काम कर रहा है.
रिपोर्ट्स ये भी आ रहा है कि सिद्धारमैया के पास ही अभी सीएम की कुर्सी रह सकती है. इसके अलावा उनके पोते को विधायक बनाकर मंत्री बनाए जाने पर भी चर्चा हो रही है.


