नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं. भाजपा और अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कज़गम’ (TVK) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच वार्ता अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जिससे राज्य की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
बताया जा रहा है कि अगर यह गठबंधन सफल होता है तो चुनावी मुकाबले की दिशा बदल सकती है. तमिलनाडु में कई सीटों पर जीत का अंतर बेहद कम होता है, ऐसे में वोट प्रतिशत में मामूली बदलाव भी परिणामों को प्रभावित कर सकता है.
भाजपा सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के तहत अगर गठबंधन चुनाव जीतता है तो विजय को उपमुख्यमंत्री पद देने की पेशकश की गई है. इसके साथ ही सीट बंटवारे के फार्मूले के तहत टीवीके को लगभग 80 सीटें देने का प्रस्ताव भी सामने आया है.
हालांकि, बताया जा रहा है कि विजय की नजर अभी भी मुख्यमंत्री पद पर बनी हुई है. यही कारण है कि बातचीत के दौरान यह मुद्दा प्रमुख चर्चा का विषय बना हुआ है.
सूत्रों के अनुसार भाजपा लगातार प्रयास कर रही है कि अभिनेता-राजनेता विजय और उनकी पार्टी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ जोड़ा जाए. इसके लिए पार्टी कई स्तरों पर संपर्क साधने की कोशिश कर रही है.
बताया जाता है कि बातचीत के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इनमें से एक माध्यम किसी अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री की भागीदारी भी बताया जा रहा है, जिन्हें संपर्क प्रयासों में वार्ताकार की भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है.
भाजपा की रणनीति में विजय की लोकप्रियता को अहम माना जा रहा है. अभिनेता के रूप में उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है.
पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि इस लोकप्रियता का छोटा सा हिस्सा भी चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है. सूत्रों के अनुसार भाजपा नेताओं का मानना है कि कई सीटों पर "दो प्रतिशत वोट भी जीत की दिशा बदल सकते हैं".
वहीं, संभावित गठबंधन को लेकर विजय के कुछ करीबी सलाहकारों में चिंता भी देखी जा रही है. सूत्रों के अनुसार उनके कुछ सहयोगियों को आशंका है कि राष्ट्रीय गठबंधन में शामिल होने से उनकी नई राजनीतिक पार्टी की स्वतंत्र छवि पर असर पड़ सकता है.
दरअसल, विजय ने राजनीति में कदम रखते समय खुद को एक स्वतंत्र विकल्प के रूप में पेश किया था. ऐसे में सलाहकारों को डर है कि किसी स्थापित राष्ट्रीय गठबंधन में जल्दी शामिल होने से उस छवि को नुकसान पहुंच सकता है. First Updated : Saturday, 21 March 2026