पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में गुरुवार दोपहर अचानक आए भूकंप के झटकों ने लोगों को चौंका दिया. दोपहर 1:22 बजे महसूस किए गए. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 दर्ज की गई. झटके इतने अचानक और स्पष्ट थे कि घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद लोग घबराकर बाहर निकल आए.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस भूकंप का असर केवल कोलकाता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश के कई इलाकों में भी कंपन महसूस किया गया. भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के खुलना शहर से लगभग 26 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था. भारत-बांग्लादेश सीमा के आसपास स्थित क्षेत्रों में झटकों की तीव्रता अपेक्षाकृत अधिक महसूस की गई. दिन के समय आए इस भूकंप के कारण लोगों में अचानक भय और असमंजस की स्थिति बन गई, क्योंकि अधिकतर लोग उस समय अपने कार्यस्थलों या घरों में मौजूद थे.
कोलकाता के कई हिस्सों में ऊंची इमारतों में रहने और काम करने वाले लोग कंपन महसूस होते ही तुरंत नीचे खुले स्थानों की ओर निकल आए. घरों में दीवारों और छत से टंगी वस्तुएं हिलने लगीं, जिससे लोगों को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ. उस समय कई दफ्तरों में कर्मचारी लंच की तैयारी कर रहे थे, लेकिन झटकों के कारण कामकाज बाधित हो गया और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे.
इसी दौरान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार मंच पर मौजूद थे. अचानक आए झटकों से कार्यक्रम स्थल पर भी कुछ क्षणों के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सभी लोग स्तब्ध रह गए.
यह पिछले दो महीनों के भीतर तीसरी बार है जब कोलकाता में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. कांग्रेस से जुड़े नेता विनय कुमार डोकानिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि झटके लगभग एक मिनट तक महसूस किए गए. उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए और शहर में डर का माहौल बन गया. हालांकि आधिकारिक तौर पर भूकंप की तीव्रता 4.9 ही मापी गई, लेकिन कई लोगों ने इसे अपेक्षाकृत ज्यादा शक्तिशाली महसूस होने की बात कही.
फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन भूकंप ने एक बार फिर लोगों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की याद दिला दी है. First Updated : Friday, 27 February 2026