GST benefits 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के पहले दिन (22 सितंबर) जीएसटी में भारी कटौती की घोषणा के बाद एक और बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी टैक्स का बोझ और कम किया जाएगा. मोदी ने स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, वैसे-वैसे टैक्स दरें घटती जाएंगी.
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 2014 से पहले टैक्स का ढांचा जटिल था और आम लोगों की जेब पर भारी असर डालता था. उस समय एक लाख रुपये की खरीदारी पर लगभग 25,000 रुपये टैक्स चुकाना पड़ता था. लेकिन आज वही परिवार केवल 5-6 हजार रुपये ही टैक्स देता है. उन्होंने बताया कि ज्यादातर आवश्यक वस्तुओं पर अब सिर्फ 5% जीएसटी है.
मोदी ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कहा कि 2017 में जीएसटी लागू होने से टैक्स व्यवस्था सरल हुई और परिवारों व कारोबारियों की बचत बढ़ी. उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि पहले एक हजार रुपये की शर्ट पर 117 रुपये टैक्स लगता था, लेकिन अब केवल 35 रुपये देना पड़ता है. इसी तरह, टूथपेस्ट, तेल या शैंपू जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं भी काफी सस्ती हो चुकी हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों और मध्यम वर्ग को टैक्स सुधार से सीधी राहत मिली है. पहले एक ट्रैक्टर पर 70,000 रुपये से ज्यादा टैक्स लगता था, जो अब घटकर केवल 30,000 रुपये रह गया है. इस तरह किसानों को एक ट्रैक्टर पर करीब 40,000 रुपये की बचत हो रही है. थ्री व्हीलर पर भी टैक्स 55,000 से घटकर 35,000 हो गया है. स्कूटर और मोटरसाइकिल की कीमतों में भी क्रमशः 8,000 और 9,000 रुपये तक की कमी आई है.
मोदी ने कहा कि जीएसटी कटौती का सीधा लाभ गरीब और मिडिल क्लास को हुआ है. कम टैक्स दरों के कारण रोजमर्रा के खर्च कम हुए हैं और बचत बढ़ी है. इससे परिवारों को अपनी आय का बड़ा हिस्सा अन्य जरूरतों पर खर्च करने की सुविधा मिली है.
अपने भाषण में मोदी ने कांग्रेस पर भी तीखा वार किया. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस सरकार में टैक्स लूट की व्यवस्था थी. आम नागरिकों को टैक्स की मार से निचोड़ा जाता था और भ्रष्टाचार चरम पर था. मोदी ने कहा कि आज हालत बदल गई है. सरकार ने महंगाई और टैक्स दोनों कम किए हैं और लोगों की आमदनी और बचत में वृद्धि की है.
मोदी ने कहा कि इनकम टैक्स में भी आम नागरिकों को बड़ा लाभ मिला है. 2014 में 2 लाख रुपये तक की आय टैक्स-फ्री थी, जबकि आज 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है. इनकम टैक्स और जीएसटी में मिली राहत से लोगों को लगभग ढाई लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है.
First Updated : Thursday, 25 September 2025