ब्रिटेन की मशहूर लेखिका शेरोन मिलिमन ने हाल ही में एक चौंकाने वाला दावा किया है. उनका कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में चार बार मौत के करीब जाकर उसे नकारा किया और आज भी पूरी तरह से जिंदा हैं. शेरोन का मानना है कि यह सब एक "चमत्कार" है, जो उनकी जिंदगी के सबसे अद्भुत अनुभवों में से एक रहा. उनके ये अनुभव न केवल उनकी जिंदगी के प्रति सोच को बदलने वाले हैं, बल्कि यह उन सभी को भी सोचने पर मजबूर कर देंगे जो जीवन और मृत्यु के बीच के अंतर को समझने की कोशिश कर रहे हैं.
उनकी जिंदगी में हुए ये अनुभव सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भी एक बड़ा सवाल हैं. क्या यह एक अद्भुत चमत्कार है, या फिर यह उस अनदेखी शक्ति का असर है, जो हमें कभी नहीं समझ आती? जानिए शेरोन के इन मौत के करीब जाने वाले अनुभवों के बारे में जो जीवन के परे एक नई दुनिया का एहसास कराते हैं.
शेरोन मिलिमन के जीवन का पहला मृत्यु-निकट अनुभव तब हुआ जब वह केवल 13 साल की थीं. शेरोन तैराकी कर रही थी और अचानक पानी में डूबने लगीं. इस दौरान उनका शरीर पूरी तरह से कमजोर हो गया था, लेकिन उन्हें न तो डर महसूस हुआ और न ही कोई दर्द. वह कहती हैं, "मैंने महसूस किया कि मेरी आत्मा मेरे शरीर से बाहर है और मैं सब कुछ देख और सुन सकती थी. लाइफगार्ड्स ने मेरी मदद की, लेकिन इस अनुभव के बाद मैंने तैराकी करना छोड़ दिया."
2005 में एक और डरावना अनुभव हुआ जब शेरोन को घर के बाहर बिजली का करंट लग गया. इस दौरान उन्होंने असहनीय दर्द महसूस किया और उनका दिल रुक गया. शेरोन ने कहा, “मुझे असहनीय दर्द की लहर महसूस हुई और फिर मेरा दिल रुक गया. मेरी आत्मा एक बार फिर मेरे शरीर से बाहर निकल गई.” हालांकि, उनकी बेटी ने तुरंत शेरोन को होश में लाकर उन्हें बचा लिया. इस घटना के बाद शेरोन को हार्ट ब्लॉकेज और मिर्गी की समस्या का सामना करना पड़ा.
2016 में शेरोन को आंतों में रुकावट का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्हें आपातकालीन सर्जरी करानी पड़ी. इस दौरान उन्होंने जीवन और मृत्यु के बीच एक और अनुभव किया. शेरोन बताती हैं, "मेरी आत्मा स्वर्ग पहुंच गई, जहां मैंने अपने दो छोटे भाइयों से मुलाकात की, जो पहले ही इस दुनिया को छोड़ चुके थे."
2017 में शेरोन को मिर्गी की दवा के प्रतिकूल प्रभाव के कारण श्वसन गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा. इस बार उनकी आत्मा तारों और ग्रहों के बीच थी, जहां समय का कोई अस्तित्व नहीं था. शेरोन का कहना है, "यह अनुभव इतना गहरा था कि जैसे ही ऑक्सीजन मेरी नसों में लौट आई, मेरी आत्मा मेरे शरीर में खींची गई."
इन सभी अनुभवों ने शेरोन के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया. वह अब मौत को एक भय के रूप में नहीं, बल्कि एक अनुभव के रूप में देखती हैं. शेरोन कहती हैं, "मृत्यु के करीब का हर अनुभव भगवान का आशीर्वाद था, जिसने मुझे जीवन की सच्चाई को समझाया." उन्होंने यह भी बताया कि कई बार यीशु से मिलने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह अकेली नहीं हैं और उन्हें मृत्यु से डरने की कोई जरूरत नहीं है. First Updated : Wednesday, 29 January 2025