अभिषेक बनर्जी पर हमले से TMC में मचा हड़कंप! जबरन वसूले 80 लाख रुपये लोगों को लौटाने लगे नेता

अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हमला होने के बाद TMC में हड़कंप मच गया है. घबराए TMC नेता और उनके रिश्तेदार लोगों से जबरन वसूले गए पैसों को खेतों में बुलाकर वापस लौटा रहे हैं.

Sonee Srivastav

कोलकाता: लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमले की घटना के बाद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हड़कंप मचा हुआ है. हमले के बाद TMC के कई नेता और कार्यकर्ता घबरा गए हैं. आरोप है कि वे लोगों से जबरन वसूली गई रकम वापस लौटा रहे हैं. कई नेता क्षेत्र छोड़कर गायब हो गए हैं, जबकि उनके रिश्तेदार घर-घर जाकर पैसा लौटा रहे हैं.

TMC नेता पैसा लौटाने में जुटे

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोचबिहार जिले में TMC नेताओं ने ग्रामीणों को जबरन लिया गया पैसा वापस करना शुरू कर दिया है. यह पैसा कट मनी या जबरन वसूली के रूप में इकट्ठा किया गया था. रविवार को फकिरेर कुठी इलाके में कई ग्रामीणों को एक जगह बुलाकर पैसा लौटाया गया. 

पछागढ़ ग्राम पंचायत के बूथ अध्यक्ष तपन डे ने कई लोगों को व्यक्तिगत रूप से रुपये वापस किए. क्षेत्र के बाहुबली नेता बाबई बरमन के बुजुर्ग पिता भी खुद आकर ग्रामीणों को पैसा लौटाने पहुंचे. जो बड़े नेता फरार हैं, उनके परिवार के सदस्य अब इस काम को संभाल रहे हैं.

80 लाख रुपये की वसूली का आरोप

भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी सुरेंद्र बरमन ने दावा किया कि एक पंचायत सदस्य ने TMC के अन्य नेताओं के साथ मिलकर क्षेत्र के लोगों से करीब 80 लाख रुपये वसूले थे. अब चुनावी नतीजों और हमले की घटना के बाद डर के मारे वे पैसा लौटा रहे हैं. सुरेंद्र बरमन ने कहा, “नेता गायब हैं और उनके रिश्तेदार मजबूरी में पैसा वापस कर रहे हैं.”

सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला

शनिवार को अभिषेक बनर्जी कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके सोनारपुर गए थे. वहां चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए एक TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे. गुस्साए लोगों ने उन पर अंडे और पत्थर फेंके. इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी. 

ममता बनर्जी का तीखा हमला

TMC प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा शासित केंद्र सरकार पर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं की सुरक्षा वापस ली जा रही है और पुलिस का दुरुपयोग कर TMC विधायकों और कार्यकर्ताओं को डराया जा रहा है.

ममता ने कहा, “पुलिस का इस्तेमाल विधायकों को धमकाने और इस्तीफा दिलवाने के लिए किया जा रहा है. यह लोकतंत्र की हत्या है.” साथ ही दलबदलुओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कई लोग सालों तक सत्ता का फायदा उठाने के बाद अब स्वार्थ के लिए पार्टी छोड़ रहे हैं.

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