राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक: चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, बजरंग लाल होंगे नए सचिव

बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा इस्तीफा था। चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने दान विवाद में नाम आने के बाद पद छोड़ दिए थे। खबर है कि ट्रस्ट ने चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

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अयोध्या: सोमवार, 06 जुलाई को अयोध्या के राम मंदिर के लिए प्राप्त दान में कथित हेराफेरी के आरोपों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। वहीं बजरंग लाल बागरा को ट्रस्ट के उच्च अधिकारियों द्वारा नया सचिव नियुक्त किया गया है। दरअसल 2020 में ट्रस्ट बनने के बाद ये पहली बार है जब सभी ट्रस्टी एक साथ बैठे। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की।  

बैठक में कौन-कौन हुए शामिल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने इस बैठक को बुलाया था। इसमें वरिष्ठ ट्रस्टी, सरकारी प्रतिनिधि और कानूनी विशेषज्ञ भी शामिल हुए। पदेन सदस्यों में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे, यूपी सीएम के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद, अयोध्या डीएम शशांक त्रिपाठी और पीएम के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल थे।  

सूत्रों के मुताबिक नृपेंद्र मिश्रा को व्यक्तिगत रूप से आना था, लेकिन आखिरी समय में उन्होंने ऑनलाइन जुड़ने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि संत समाज के कुछ वर्गों में उनके प्रति नाराजगी के कारण उन्होंने वर्चुअल मोड चुना। खबर है कि चंपत राय मंदिर परिसर में मौजूद थे, लेकिन बैठक में शामिल नहीं हुए।  

ट्रस्ट ने चंपत राय का इस्तीफा किया मंजूर

बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा इस्तीफा था। चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने दान विवाद में नाम आने के बाद पद छोड़ दिए थे। खबर है कि ट्रस्ट ने चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उनकी जगह बजरंग बागरा को उत्तराधिकारी बनाया गया है। उनके खिलाफ अभी कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं है।  

दूसरा अहम मुद्दा SIT की रिपोर्ट था। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम दान पात्रों से जमा चंदे में गड़बड़ी की जांच कर रही है। टीम ने शुरुआती रिपोर्ट पेश की। SIT का कार्यकाल जांच पूरी करने के लिए जुलाई अंत तक बढ़ा दिया गया है। साथ ही ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस ने अलग से FIR दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।  

फाइनेंस और नए CEO पर भी चर्चा  

ट्रस्ट ने 2025-26 के लिए ऑडिटेड बैलेंस शीट और वित्तीय रिपोर्ट को मंजूरी देने पर भी विचार किया। ट्रस्टियों ने आय, खर्च और बाकी वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा की। इसके अलावा मंदिर के भविष्य के प्रबंधन को लेकर भी बात हुई।

प्रस्ताव है कि मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज को देखने के लिए एक चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर CEO की नियुक्ति की जाए। कुल मिलाकर ये बैठक ट्रस्ट के लिए टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है। दान विवाद के बाद पारदर्शिता लाने और प्रशासनिक सुधार करने पर जोर दिया गया। ट्रस्ट अब SIT की अंतिम रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगा। First Updated : Monday, 06 July 2026