सनातन वेशभूषा की आड़ में चल रहा जासूसी नेटवर्क, पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर देश विरोधी गतिविधियां
देशभर में फैले जासूसी नेटवर्क के खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सनातन वेशभूषा की आड़ में काम करते हुए पाकिस्तान से संचालित हो रहा था.

नई दिल्ली: देशभर में फैले जासूसी नेटवर्क के खुलासे के बाद जांच एजेंसियों के सामने लगातार चौंकाने वाले तथ्य आ रहे हैं. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि यह पूरा गिरोह पाकिस्तान में बैठे आकाओं के निर्देश पर काम कर रहा था.
जांच में सामने आया है कि भारत में सक्रिय यह नेटवर्क सनातन वेशभूषा का सहारा लेकर जासूसी और रेकी जैसी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. आरोप है कि ये लोग देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पहचान छिपाकर काम कर रहे थे.
पाकिस्तान से संचालित हो रहा नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे सरदार उर्फ सरफराज उर्फ जोरा सिंह और शहजाद उर्फ भट्टी के बाद अब वकार उर्फ विक्की जट का नाम भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि यह भी समानांतर रूप से जासूसी नेटवर्क चला रहा था और गिरफ्तार आरोपी इसके संपर्क में थे.
पहचान छिपाने के लिए बदले नाम
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान में बैठे सभी संचालक मुस्लिम हैं, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान छिपाने और शक से बचने के लिए हिंदू नाम अपनाए हुए थे. गिरोह से जुड़े कई आरोपियों ने भी इसी तरह के नाम रखे थे.
गिरफ्तार आरोपियों में सुहेल उर्फ रोमियो, नौशाद उर्फ लालू, समीर उर्फ शूटर और ईरम उर्फ महक जैसे नाम सामने आए हैं. इनमें से कुछ आरोपी कलावा बांधते थे, गले में रुद्राक्ष धारण करते थे और टीका भी लगाते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो.
नाबालिगों और युवाओं का इस्तेमाल
आरोपियों ने जासूसी गतिविधियों के लिए हिंदू युवाओं और नाबालिगों को भी अपने नेटवर्क में शामिल किया था. इससे वे आसानी से लोगों की नजर से बचकर अपने मिशन को अंजाम दे पा रहे थे.
अब तक 18 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस इस मामले में अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें सुहेल मलिक उर्फ रोमियो, साने इरम उर्फ महक, प्रवीन, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, रितिक गंगवार, गणेश, विवेक, गगन कुमार प्रजापति, दुर्गेश, नौशाद अली उर्फ लालू और मीरा ठाकुर शामिल हैं.
इसके अलावा इस नेटवर्क में छह नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई है. जांच एजेंसियां अब इस मामले में लव जिहाद के पहलू की भी जांच कर रही हैं.
लव जिहाद एंगल की भी जांच
एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने सिर्फ जासूसी के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य उद्देश्यों के लिए भी अपनी पहचान बदली थी. इस मामले में लव जिहाद के एंगल से भी जांच की जा रही है.
गर्लफ्रेंड के जन्मदिन से टली रेकी
जांच में यह भी सामने आया है कि सुहेल, नौशाद और समीर को जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख में रेकी के लिए भेजा जाना था. इसके लिए उन्हें पाकिस्तान से सूची भी मिली थी.
हालांकि, इसी दौरान सुहेल की हिमाचल प्रदेश के बद्दी में रहने वाली गर्लफ्रेंड का जन्मदिन आ गया, जिसके चलते वह रेकी छोड़कर वहां चला गया और यह योजना टल गई. बताया जा रहा है कि उसकी गर्लफ्रेंड हिंदू है और उसने अपना नाम "रोमियो" बताया था.
धार्मिक स्थलों की आड़ में की रेकी
जांच में यह भी पता चला है कि सुहेल मलिक, मीरा ठाकुर, गणेश, रितिक गंगवार, नौशाद और समीर कुछ दिन पहले हरिद्वार और ऋषिकेश गए थे. यहां उन्होंने हर की पौड़ी पर गंगा स्नान किया, गंगा आरती में शामिल हुए और इसके बाद मनसा देवी व नीलकंठ मंदिर के दर्शन किए.
इसके बाद ये लोग राजस्थान के सीकर जिले के रींगस स्टेशन पहुंचे और खाटू श्याम मंदिर गए. वहां से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित एक आर्मी कैंप की रेकी कर वापस लौट आए.
सलमान खान के घर की भी की थी रेकी
अप्रैल 2024 में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की घटना में भी इस नेटवर्क का नाम सामने आया है. जांच में पता चला है कि मीरा ठाकुर, गणेश, सुहेल मलिक, साने ईरम और समीर ने सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट की रेकी की थी.
वीओआईपी के जरिए संपर्क में आका
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के संचालकों की लोकेशन पाकिस्तान, मलेशिया, दुबई, यूके, नेपाल और कनाडा समेत कई देशों में ट्रेस की गई है. ये लोग भारतीय सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे और कॉलिंग के लिए वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) तकनीक का सहारा लेते थे.
इस तकनीक के जरिए वे अपनी वास्तविक लोकेशन छिपाकर किसी भी स्थान की लोकेशन दिखा सकते थे और कॉलिंग नंबर भी बदल सकते थे.


