ओपी राजभर ने ऑटो वाली फोटो से अखिलेश पर साधा निशाना, 2027 के चुनाव का किया जिक्र

राजभर ने लिखा कि अखिलेश यादव चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, जबकि उन्होंने गरीबी और संघर्ष में जिंदगी गुजारी है। उन्होंने कहा कि ऑटो चलाते हुए उनकी तस्वीर ही उनका अभिमान, सम्मान और संघर्ष की पहचान है।

Sachin Hari Legha

लखनऊ: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चीफ और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर फिर हमला बोला है। इस बार उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऑटो चलाते हुए अपनी एक पुरानी तस्वीर शेयर कर अखिलेश को घेरा। राजभर ने खुद को संघर्ष से निकला नेता बताया और अखिलेश की राजनीति को एसी, पीसी और ट्विटर वाली राजनीति करार दिया।

ऑटो वाली फोटो मेरा सम्मान और अभिमान   

आपको बताते चलें कि राजभर ने लिखा कि अखिलेश यादव चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, जबकि उन्होंने गरीबी और संघर्ष में जिंदगी गुजारी है। उन्होंने कहा कि ऑटो चलाते हुए उनकी तस्वीर ही उनका अभिमान, सम्मान और संघर्ष की पहचान है। राजभर का आरोप है कि सपा समर्थक सोशल मीडिया पर उनकी इस तस्वीर का मजाक उड़ाते हैं और उनकी औकात बताने की कोशिश करते हैं। लेकिन यही तस्वीर उनके जीवन के संघर्षों की गवाही देती है।

राजनीति विरासत में मिली बनाम जमीन से उठा नेता   

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव को राजनीति विरासत में मिली है। वहीं उन्होंने गांव-गांव घूमकर अति पिछड़ों, दलितों और वंचितों की आवाज उठाई है। राजभर ने लिखा कि जब वह गरीबों के हक के लिए आंदोलन कर रहे थे और लाठियां खा रहे थे, तब अखिलेश विदेशों में थे। उनके लिए राजनीति सत्ता पाने का जरिया नहीं बल्कि समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज बनने का संघर्ष है।

2027 में फिर पलटेगी साइकिल   

ओपी राजभर ने 2027 विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि टेम्पो, रिक्शा, ठेला और खोमचा चलाने वाले लोग ही 2017 की तरह 2027 में भी सपा की साइकिल को कचर देंगे। उन्होंने अखिलेश पर अपने पिता का अपमान कर राजनीति में आने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि वह खुद पिता के आशीर्वाद से आगे बढ़े हैं।

जनता का दर्द ही मेरी असली राजनीति    

राजभर ने लिखा कि 45 डिग्री की तपती दोपहरी में गांव की पगडंडियों पर चलकर जनता का दुख सुनना ही उनकी राजनीति है। अखिलेश को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिसने गरीबी, भूख और अपमान को करीब से देखा हो, उसे सोशल मीडिया की हवा से डराया नहीं जा सकता। इससे पहले भी राजभर ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव को शाहे बेखबर कहा था। उन्होंने मुगल राजा का जिक्र करते हुए हिंदी में तर्जुमा भी लिखा था।

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो