लखनऊ: राम नगरी अयोध्या से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था में हुए बड़े खेल के बाद प्रशासन और ट्रस्ट ने बेहद कड़ा कदम उठाया है. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा की विशिष्ट व सुगम दर्शन पास बनाने वाली लॉगिन आईडी को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद अब इन तीनों दिग्गजों की आईडी या सिफारिश से रामलला के दर्शन के लिए कोई भी वीआईपी पास जारी नहीं हो सकेगा.
ट्रस्ट ने बेहद कड़ा कदम उठाया
राम नगरी अयोध्या से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था में हुए बड़े खेल के बाद प्रशासन और ट्रस्ट ने बेहद कड़ा कदम उठाया है.
ऐसे हुआ भंडाफोड़
दरअसल, राम मंदिर में आने वाले खास श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट की ओर से 'सुगम दर्शन' और 'विशिष्ट दर्शन' पास की व्यवस्था की गई है. इसके लिए सभी ट्रस्टियों के नाम पर बकायदा एक डिजिटल आईडी सिस्टम में बनाई गई थी. लेकिन इस व्यवस्था का फायदा उठाकर बड़ा गोरखधंधा शुरू हो गया. जानकारी के अनुसार, टिन्नू यादव नाम के शख्स ने इसी लूपहोल का फायदा उठाया और चंपत राय व अनिल मिश्रा की आईडी से सैकड़ों फर्जी पास जारी करवा दिए. चंपत राय और अनिल मिश्रा के करीबी भी इस पूरे खेल में शामिल थे, जिन्होंने वीआईपी पास के नाम पर श्रद्धालुओं से लाखों रुपए की अवैध कमाई की. जब जांच में पाया गया कि इन तीन आईडी से सबसे ज्यादा पास जारी किए गए हैं, तो ट्रस्ट ने बिना देर किए इन्हें ब्लॉक कर दिया.
ट्रस्ट से छुट्टी फिर भी मानने को तैयार नहीं गोपाल राव
इस पूरे मामले के बाद ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल हुआ है. गोपाल राव को विशेष आमंत्रित सदस्य की सूची से बाहर कर दिया गया है. हालांकि, गोपाल राव इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं. ट्रस्ट के लिखित बयान में उन्हें हटाए जाने की बात साफ लिखी है, लेकिन राव का कहना है कि वे मंदिर जाते रहेंगे और व्यवस्था संभालते रहेंगे. वहीं, लंबे समय तक ट्रस्ट के कर्ता-धर्ता रहे चंपत राय ने सोमवार को हुई बैठक में अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसे मंजूर कर लिया गया है. अब चंपत राय के कामकाज की पूरी जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को सौंप दी गई है.
भविष्य में करेंगे बड़े खुलासे
इस बड़ी कार्रवाई के बाद अयोध्या की राजनीति गर्मा गई है. पद छोड़ने के बाद चंपत राय ने सोशल मीडिया पर एक बेहद संवेदनशील पत्र साझा किया है. इस चिट्ठी में उन्होंने एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट लीक होने पर गहरी हैरानी और नाराजगी जताई है. चंपत राय ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए लिखा है कि वे फिलहाल इस मुद्दे पर शांत हैं, लेकिन भविष्य में चुप नहीं बैठेंगे. उनके इस बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में वे मंदिर पास और धन की हेराफेरी से जुड़े कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे कर सकते हैं. First Updated : Thursday, 09 July 2026