अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपी लवकुश मिश्रा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. अब उसकी निर्माणाधीन संपत्ति भी जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के दायरे में आ गई है. अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने सोहावल तहसील में बन रहे उसके मकान को लेकर उसकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा को नोटिस जारी किया है. यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई हो सकती है.
एडीए ने नोटिस में लवकुश मिश्रा की पत्नी से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है. प्रशासन के अनुसार, जिस जमीन पर मकान का निर्माण हो रहा है, वह पिछले साल अक्टूबर में सुप्रिया मिश्रा के नाम खरीदी गई थी. यदि निर्धारित समय में जरूरी दस्तावेज और स्पष्टीकरण नहीं दिए गए, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारियों ने निर्माणाधीन मकान का निरीक्षण किया, जिसमें शुरुआती जांच में भवन निर्माण नियमों के पालन पर सवाल उठे. इसके बाद नोटिस जारी कर पूछा गया है कि क्या मकान का नक्शा विधिवत पास कराया गया था.
यदि नक्शा स्वीकृत है तो उससे जुड़े सभी दस्तावेज एक सप्ताह के भीतर प्राधिकरण के सामने प्रस्तुत करने होंगे. यदि दस्तावेज नहीं दिए गए या निर्माण नियमों के विपरीत पाया गया, तो अवैध हिस्से को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है.
जांच एजेंसियों के अनुसार, लवकुश मिश्रा ने राम मंदिर में कार्यरत रहने के दौरान यह जमीन खरीदी थी. रजिस्ट्री में जमीन की कीमत 8.8 लाख रुपये दर्ज है, जबकि मौजूदा बाजार मूल्य करीब 25 लाख रुपये बताया जा रहा है. इस लेनदेन की भी जांच की जा रही है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक लवकुश मिश्रा समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है. जांच के दौरान आरोपियों की संपत्तियों और आय के स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है.
इसी क्रम में लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान पर भी प्रशासन की नजर गई है. आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. First Updated : Thursday, 02 July 2026