UP: 2027 की तैयारियों में लगी BJP... इसी हफ्ते होगा भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान, कैबिनेट विस्तार भी जल्द
यूपी बीजेपी में जल्द नई प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान हो सकता है, जिसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी है. पार्टी 2027 चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बड़े बदलाव करने की रणनीति बना रही है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है. केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के बाद भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की सूची में जरूरी संशोधन कर लिए गए हैं. माना जा रहा है कि इसी हफ्ते नई कार्यकारिणी का ऐलान हो सकता है, जिसके तुरंत बाद मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. पार्टी अब 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति को और मजबूत करने में जुटी है.
भाजपा प्रदेश संगठन में पिछले डेढ़ साल से चल रही चुनाव प्रक्रिया के बाद दिसंबर में पंकज चौधरी को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. इसके बाद ज्यादातर जिलों में कार्यकारिणी का गठन पूरा हो चुका है. अब सभी की नजर प्रदेश स्तर की कार्यकारिणी पर टिकी हुई है. सूत्रों के मुताबिक, इस सूची को अंतिम रूप देने के लिए लखनऊ और दिल्ली में कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं.
प्रदेश से तैयार की गई सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई थी, जहां कुछ नामों में बदलाव के सुझाव दिए गए. अब उन सभी संशोधनों को शामिल कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष फिलहाल विदेश दौरे पर हैं और उनके लौटने के बाद इस हफ्ते कार्यकारिणी की घोषणा हो सकती है.
मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी
प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद अगला बड़ा कदम मंत्रिमंडल विस्तार होगा. मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश सरकार में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम संख्या 60 तक हो सकती है. ऐसे में छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की संभावना जताई जा रही है. कुछ पद पहले से खाली हैं, जिनमें नए नेताओं को मौका मिल सकता है. इसके अलावा, सरकार में शामिल कुछ मौजूदा मंत्रियों को भी बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.
कई नेताओं का बढ़ सकता है कद
आने वाले विस्तार में कई नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की चर्चा है. इसके साथ ही, संगठन में सक्रिय नेताओं को भी सरकार में शामिल कर संतुलन बनाने की कोशिश की जा सकती है. पार्टी नेतृत्व इस बात पर भी ध्यान दे रहा है कि अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों का सही प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके.
पश्चिम बंगाल प्रदर्शन का असर
हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा के अच्छे प्रदर्शन को भी इस फैसले में अहम माना जा रहा है. पार्टी उन नेताओं को महत्व दे सकती है, जिन्होंने इस चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाई थी. राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों को बंगाल में जिम्मेदारी दी गई थी. अब उनके काम को देखते हुए उनके कद में बढ़ोतरी की संभावना है.
भाजपा इस समय संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दे रही है. 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी चाहती है कि दोनों स्तरों पर मजबूत और संतुलित टीम तैयार की जाए. इसी रणनीति के तहत कार्यकारिणी और मंत्रिमंडल दोनों में ऐसे चेहरों को जगह दी जा सकती है, जो चुनावी दृष्टि से पार्टी को मजबूती दे सकें.


