हत्या, रंगदारी और डकैती के 40 केस! अयोध्या में सुपारी किलर भानु प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर, जानें STF के जाल में कैसे फंसा आरोपी
अयोध्या में यूपी STF के साथ मुठभेड़ में 1.65 लाख का इनामी कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह मारा गया. उस पर हत्या, रंगदारी और डकैती समेत 40 से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज थे और वह लंबे समय से फरार चल रहा था.

अयोध्या: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े ऑपरेशन में कुख्यात कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया. भानु प्रताप सिंह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था और उस पर कुल 1 लाख 65 हजार रुपये का इनाम घोषित था. उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, डकैती और कई अन्य गंभीर अपराधों के 40 से ज्यादा मामले दर्ज थे.
अयोध्या में हुई मुठभेड़
जानकारी के अनुसार STF की प्रयागराज यूनिट को भानु प्रताप की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसके बाद अयोध्या में उसकी घेराबंदी की गई. पुलिस टीम को देखकर भानु प्रताप ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में STF ने भी कार्रवाई की, जिसमें वह गोली लगने से घायल हो गया.
घायल हालत में उसे तुरंत अयोध्या मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान पूरी कार्रवाई सतर्कता के साथ की गई.
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— UPSTF (@uppstf) June 7, 2026
प्रयागराज यूनिट द्वारा थाना महाराजगंज के एमीपुर घाट तिराहे के पास हुई मुठभेड़ में लगभग ₹2 लाख का इनामी एवं विभिन्न जनपदों से वांछित अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू घायल हुआ। उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। अपराधी के विरुद्ध लगभग 40 गंभीर मुकदमे दर्ज थे |@Uppolice pic.twitter.com/se5qu6kDZ0
सुपारी किलर के रूप में थी पहचान
भानु प्रताप सिंह अपराध की दुनिया में सुपारी किलर के तौर पर जाना जाता था. वह कई वर्षों से अलग-अलग जिलों में सक्रिय था और पुलिस को उसकी तलाश थी. कोर्ट में भी वह लगातार गैरहाजिर चल रहा था. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह कई संगठित अपराधों में शामिल रहा था.
कई जिलों की पुलिस ने रखा था इनाम
भानु प्रताप पर आजमगढ़ पुलिस ने 1 लाख रुपये, अंबेडकरनगर पुलिस ने 50 हजार रुपये और गोरखपुर पुलिस ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. लगातार फरार रहने के कारण पुलिस ने उसके खिलाफ कई विशेष अभियान भी चलाए थे.
गोरखपुर का रहने वाला था भानु
STF के अतिरिक्त महानिदेशक अमिताभ यश ने बताया कि भानु प्रताप सिंह गोरखपुर का निवासी था. उसके खिलाफ प्रदेश के कई जिलों में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे. पुलिस को आशंका थी कि वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था.
फिलहाल इस एनकाउंटर को यूपी STF की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.


