ईरान से डील होना तय! ट्रंप का बड़ा दावा, नेतन्याहू के पास नहीं बचेगा कोई विकल्प

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु समझौते को लेकर बड़ा रुख अपनाया है. उनके हालिया बयान ने मध्य-पूर्व की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और आगे की दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह ईरान के साथ परमाणु समझौते को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं. हालिया मिसाइल हमलों और क्षेत्रीय टकराव के बावजूद ट्रंप का कहना है कि बातचीत का रास्ता अभी भी खुला है और किसी भी संभावित समझौते को स्वीकार करने के अलावा इजरायल के पास दूसरा विकल्प नहीं होगा. उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है.

ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स को दिए गए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान और इजरायल के बीच हाल में बढ़े तनाव से उनकी रणनीति में कोई बदलाव नहीं आया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अभी भी तेहरान के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय उन्हीं के हाथ में है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी संभावित समझौते पर अंतिम फैसला अमेरिका करेगा और इजरायल को भी उस समझौते को स्वीकार करना पड़ेगा.

मिसाइल हमलों के बाद बढ़ा तनाव

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है. हाल ही में ईरान ने इजरायल की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गईं. इजरायली सेना के मुताबिक उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया. शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि इस घटना ने दोनों देशों के बीच टकराव को और गंभीर बना दिया है.

नेतन्याहू को ट्रंप की सलाह

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से संपर्क करने की भी योजना बनाई थी. उनका मानना है कि अगर इजरायल ईरान पर जवाबी हमला करता है तो इससे कूटनीतिक प्रयासों को नुकसान पहुंच सकता है. ट्रंप ने कहा कि मौजूदा स्थिति में सैन्य कार्रवाई की बजाय बातचीत ज्यादा जरूरी है. उन्होंने ईरान से भी अपील की कि वह तनाव बढ़ाने के बजाय वार्ता की मेज पर लौटे और समाधान की दिशा में आगे बढ़े.

बेरूत हमले पर भी जताई नाराजगी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने लेबनान की राजधानी बेरूत के बाहरी इलाकों में हुए इजरायली हमलों पर भी असंतोष जताया. उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे कदम क्षेत्रीय हालात को और जटिल बना सकते हैं. अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी के अनुसार, व्हाइट हाउस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और राष्ट्रपति को हर नए घटनाक्रम की जानकारी दी जा रही है.

ईरान ने भी दिया कड़ा संदेश

दूसरी ओर ईरान ने अपने रुख को सही ठहराते हुए कहा है कि वह अपने हितों की रक्षा करेगा. ईरानी संसद के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि यदि उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो जवाब भी दिया जाएगा. कुछ ईरानी नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर इजरायल हमले जारी रखता है तो उसका जवाब पहले से ज्यादा सख्त हो सकता है. इससे यह संकेत मिला है कि दोनों देशों के बीच तनाव फिलहाल कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं.

कूटनीति और सैन्य विकल्प दोनों खुले

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से बातचीत चल रही है, जिसका उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान निकालना है. ट्रंप ने भरोसा जताया कि समझौता संभव है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर बातचीत असफल होती है तो अमेरिका अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है. उन्होंने संकेत दिया कि आर्थिक प्रतिबंधों के साथ-साथ सैन्य विकल्प भी पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं. एक अन्य इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका समझौते के काफी करीब पहुंच चुका है, लेकिन यदि कूटनीति विफल होती है तो सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा.

मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ट्रंप का यह रुख दिखाता है कि अमेरिका एक तरफ बातचीत को आगे बढ़ाना चाहता है, वहीं दूसरी तरफ दबाव की नीति भी बनाए रखना चाहता है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कूटनीतिक प्रयास सफलता की ओर बढ़ते हैं या क्षेत्र एक बार फिर बड़े टकराव की ओर जाता है.

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