पहाड़ों पर उमड़ा सैलानियों का सैलाब, मनाली से नैनीताल तक लगा महाजाम
मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं. हिमाचल के मनाली-रोहतांग से लेकर उत्तराखंड के नैनीताल और चारधाम मार्गों तक पर्यटकों और श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी है. हालात ऐसे हैं कि कई जगह 50 किलोमीटर का सफर तय करने में 7 से 8 घंटे लग रहे हैं.

नई दिल्ली: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर इन दिनों रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिल रही है. बढ़ती पर्यटक संख्या ने स्थानीय प्रशासन की चुनौतियां भी बढ़ा दी हैं.
मनाली, रोहतांग, नैनीताल, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, औली और जोशीमठ जैसे लोकप्रिय स्थलों पर होटल लगभग पूरी तरह भर चुके हैं. वहीं, सड़कों पर लंबा जाम, पार्किंग की कमी और भीड़ प्रबंधन अब बड़ी समस्या बनती जा रही है.
मनाली-रोहतांग मार्ग पर थम रही वाहनों की रफ्तार
हिमाचल प्रदेश के मनाली और रोहतांग दर्रे में पर्यटकों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है. मई के अंतिम दिनों में भी रोहतांग की बर्फीली वादियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं.
हालात ऐसे हैं कि मनाली-रोहतांग मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है. सामान्य परिस्थितियों में लगभग 50 किलोमीटर का सफर तय करने में जहां कुछ घंटे लगते हैं, वहीं अब पर्यटकों को 7 से 8 घंटे तक का समय लग रहा है. कई यात्रियों को रास्ते में घंटों तक वाहनों में इंतजार करना पड़ रहा है.
पार्किंग की कमी बढ़ा रही परेशानी
स्थानीय पर्यटन कारोबारियों के अनुसार, मढ़ी से ग्रामफू के बीच पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण पर्यटक सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं. इससे यातायात प्रभावित होता है और जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है.
स्थानीय लोगों का मानना है कि पार्किंग, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से स्थिति में सुधार लाया जा सकता है.
नैनीताल में पर्यटन सीजन चरम पर
उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल में भी पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. माल रोड, स्नो व्यू, चिड़ियाघर, केव गार्डन और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर चहल-पहल बनी हुई है.
नैनी झील में नौकायन के लिए लंबी कतारें लग रही हैं. सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में पर्यटक बोटिंग का आनंद लेते नजर आ रहे हैं. सुहावना मौसम और ठंडी हवाएं लोगों को लगातार आकर्षित कर रही हैं.
होटल और पर्यटन कारोबार में आई रौनक
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा लाभ स्थानीय पर्यटन उद्योग को मिल रहा है. होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे लगभग पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं.
होटल व्यवसायियों और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि लंबे समय बाद कारोबार में इतनी बड़ी तेजी देखने को मिल रही है. हालांकि बढ़ती भीड़ के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव भी लगातार बढ़ रहा है.
कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़
बाबा नीम करौली महाराज के कैंचीधाम में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है. देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं.
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. आगामी स्थापना दिवस कार्यक्रमों को देखते हुए आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
चारधाम यात्रा से बढ़ा दबाव, जोशीमठ में लंबा जाम
चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ चमोली जिले और जोशीमठ क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है. बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, औली और नीति-माणा घाटी की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं.
मारवाड़ी से गोविंदघाट और जोशीमठ से सेलंग तक कई स्थानों पर 15 से 20 किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन रही है. वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू होने के बावजूद भारी भीड़ के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.
बारिश और बर्फबारी के बीच जारी है यात्रा
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहने के बावजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ है.
बद्रीनाथ धाम में लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. हेमकुंड साहिब में भी प्रतिकूल मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.
स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी बढ़ीं
रिकॉर्ड संख्या में पहुंच रहे यात्रियों के बीच स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहुंचने के बाद कई लोगों को सांस लेने में परेशानी, थकान और अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
विशेषज्ञ यात्रियों को सलाह दे रहे हैं कि ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से पहले शरीर को वहां के वातावरण के अनुरूप ढालने के लिए कुछ समय निचले क्षेत्रों में अवश्य बिताएं.
प्रशासन के सामने बढ़ीं चुनौतियां
पर्यटकों और श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के कारण ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा और स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्थायी पार्किंग व्यवस्था, बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम की आवश्यकता और अधिक बढ़ सकती है.


