धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति पद पर चुनाव की तैयारी, विपक्ष उतार सकता है साझा उम्मीदवार
देश की राजनीति में उस समय एक बड़ा मोड़ आया जब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इस अप्रत्याशित फैसले के बाद अब उपराष्ट्रपति पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और इसी के साथ संसद और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. विपक्षी गठबंधन INDIA ने उपराष्ट्रपति चुनाव में साझा उम्मीदवार उतारने का संकेत दिया है.

राजनीतिक गलियारों में एक नई हलचल तब पैदा हुई जब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने त्याग पत्र में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा कि अब वह चिकित्सा सलाह के अनुसार आगे का जीवन बिताना चाहते हैं. इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद देश में नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
इस बीच, विपक्षी गठबंधन INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस) ने संकेत दिया है कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए साझा उम्मीदवार उतार सकता है. भले ही एनडीए को संसद में संख्यात्मक बढ़त हासिल है, लेकिन INDIA ब्लॉक यह चुनाव लड़कर एक मजबूत राजनीतिक संदेश देना चाहता है.
INDIA गठबंधन की रणनीति
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी दलों का मानना है कि संसद में संख्याबल पूरी तरह उनके खिलाफ नहीं है, इसलिए मुकाबले से पीछे नहीं हटना चाहिए. एक सूत्र ने कहा, "हमारे पास संख्या कम है, लेकिन ये चुनाव सिर्फ जीत-हार से ज्यादा एक राजनीतिक स्टैंड है." कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम INDIA गठबंधन की बैठक बुलाकर मिलकर फैसला लेंगे कि उपराष्ट्रपति चुनाव में क्या रुख अपनाना है.”
NDA को बहुमत, लेकिन विपक्ष के पास भी है दम
संसद के दोनों सदनों को मिलाकर कुल प्रभावी सदस्य संख्या 782 है. उपराष्ट्रपति बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 392 वोटों की जरूरत होगी. इसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित और मनोनीत सदस्य मतदान करते हैं.
लोकसभा में एनडीए के पास 293 सदस्य हैं, जबकि INDIA ब्लॉक के पास 234 सदस्य हैं. राज्यसभा में एनडीए को 130 और INDIA को 79 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है.कुल मिलाकर, NDA के पास 423 और INDIA के पास 313 सांसदों का समर्थन है. शेष सांसद गैर-गठबंधन (Non-Aligned) माने जा रहे हैं.
स्वास्थ्य को बताया प्राथमिकता इस्तीफे की वजह
धनखड़ ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि “स्वास्थ्य मेरी प्राथमिकता है और डॉक्टरों की सलाह को नजरअंदाज नहीं कर सकता." उन्होंने उपराष्ट्रपति पद के साथ-साथ राज्यसभा के सभापति पद से भी इस्तीफा दे दिया है, जिससे संसद के उच्च सदन में नेतृत्व का रिक्त स्थान बन गया है.
आगे क्या?
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि विपक्ष INDIA गठबंधन की ओर से किस नेता को मैदान में उतारता है. वहीं एनडीए की ओर से किसे टिकट मिलेगा, इस पर भी जल्द ही फैसला आने की संभावना है. भले ही NDA को संसद में स्पष्ट बहुमत हासिल है, लेकिन विपक्ष का मुकाबले में उतरना यह साबित करता है कि 2024 के आम चुनावों से पहले वह हर मोर्चे पर खुद को सक्रिय रखना चाहता है.


