जम्मू के गांधी नगर इलाके में रविवार को एक ऐसी घटना हुई जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया. एक तेज रफ्तार कार चालक ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को पहले जोरदार टक्कर मारी और फिर क्रूरता की हद पार करते हुए गाड़ी को पीछे कर दोबारा उसी बुजुर्ग को कुचल दिया. यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. इस वीडियो ने इलाके में सनसनी फैला दी और लोगों के मन में गुस्सा भर दिया.
टक्कर के बाद धमकी और गालियां
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद भी आरोपी रुका नहीं, बल्कि बुजुर्ग को गालियां दीं और उसे धमकी दी कि अगर वह पुलिस में शिकायत करेगा तो अंजाम और बुरा होगा. इस दौरान राह चलते लोगों ने स्थिति को संभालते हुए घायल बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी. कार की पहचान भी हो चुकी है, जो जम्मू-कश्मीर नंबर से रजिस्टर्ड है.
हादसा नहीं, जानबूझकर किया गया हमला
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत जानबूझकर किया गया हमला था. उनका मानना है कि आरोपी ने पूरी योजना के साथ यह कृत्य किया और यह किसी पुरानी दुश्मनी या मानसिक बीमारी का नतीजा भी हो सकता है. लोगों की भावनाएं इस घटना के बाद बेहद आहत हुई हैं और इलाके में डर और गुस्से का माहौल बना हुआ है.
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने इस गंभीर मामले में गांधी नगर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली है. आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या की कोशिश) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है.
वीडियो बना पुख्ता सबूत
घटना का वीडियो सामने आने से पुलिस को जांच में काफी मदद मिल रही है. सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों द्वारा लिए गए मोबाइल वीडियो से आरोपी की पहचान की जा रही है. ये वीडियो पुलिस के लिए एक मजबूत साक्ष्य के रूप में काम कर रहे हैं, जिससे मामले की गंभीरता और आरोपी की नीयत साफ दिखाई देती है.
लोगों में भारी गुस्सा
इस निर्मम घटना से गांधी नगर के निवासी बेहद नाराज हैं. उनका कहना है कि अगर सड़कों पर ऐसे खतरनाक लोग घूमते रहेंगे तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे होगी? उन्होंने प्रशासन से आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.
First Updated : Monday, 28 July 2025