'गरीबी से मुख्यमंत्री तक...' विजय के CM बनते ही पिता चंद्रशेखर हुए भावुक, गरीबी और संघर्ष को किया याद
थलपति विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उनके पिता एसए चंद्रशेखर भावुक हो गए और पुराने गरीबी-संघर्ष के दिनों को याद किया. चंद्रशेखर ने कहा कि विजय का जन्म ऐसे समय हुआ था जब उन्हें खाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था, आज बेटे ने उनका सपना पूरा कर दिया.

चेन्नई: तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री थलपति विजय के शपथ ग्रहण समारोह में उनका पूरा परिवार भावुक हो गया. खासकर उनके पिता और अनुभवी फिल्ममेकर एसए चंद्रशेखर की आंखें नम हो गईं. उन्होंने पुराने दिनों की गरीबी और संघर्ष को याद करते हुए कहा कि आज उनका बेटा मुख्यमंत्री बन गया है.
पिता चंद्रशेखर का भावुक पल
एसए चंद्रशेखर ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि थलपति विजय का जन्म 1974 में हुआ था. उस समय वे असिस्टेंट डायरेक्टर थे और परिवार को खाने-पीने के लिए भी काफी संघर्ष करना पड़ता था. चंद्रशेखर ने कहा, “मुझे वह दौर अच्छी तरह याद है जब रोजी-रोटी का इंतजाम करना मुश्किल होता था. आज मेरा बेटा तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बन गया है, मुझे उस पर गर्व है.”
पिता ने बताया सपना
पिता चंद्रशेखर ने आगे कहा कि विजय हमेशा अपना वादा पूरा करता है. उन्होंने बताया, “यह मेरा पुराना सपना था. मेरे बेटे ने उसे हकीकत बना दिया. अगर विजय कुछ कहता है तो उसे जरूर पूरा करता है. बचपन से ही उसकी यही आदत रही है कि वह सिर्फ वही बात बोलता है जिसे वह हासिल कर सकता है.”
परिवार के लिए गर्व भरा क्षण
विजय की भतीजी पल्लवी ने इस मौके को परिवार के लिए बेहद भावुक और गर्व का पल बताया. टीवीके की विधायक मारिया विल्सन ने कहा कि पूरे तमिलनाडु के लोग अपने बेटे और भाई को मुख्यमंत्री पद पर शपथ लेते देखकर खुश हैं. मारिया विल्सन ने कहा, “तीन साल से हम इस पल का इंतजार कर रहे थे. कई लोगों ने कहा था कि यह मुमकिन नहीं है, लेकिन आज वह दिन आ गया है.”
विजय का पहला संबोधन
मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद अपने पहले भाषण में थलपति विजय ने अपनी साधारण पृष्ठभूमि का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “मैं किसी राजघराने या राजनीतिक परिवार से नहीं आया हूं. मैं एक असिस्टेंट फिल्म डायरेक्टर के बेटे हूं. मैंने गरीबी और भूख को करीब से देखा और समझा है.” विजय ने आगे कहा, “मैं आप ही में से एक हूं. आप मुझे अपना बेटा, अपना भाई और छोटा भाई मानते हैं, इसलिए मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है.”


