देश में क्यों अचानक बदलने लगा मौसम 1000 किमी लंबा रेन बैंड बना वजह, नए विक्षोभ की भी आहट

असामान्य पश्चिमी विक्षोभ के कारण देशभर में मौसम ने अचानक करवट ली है. बारिश, ओले और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट आई है, जिससे मार्च में भी सर्दी जैसे हालात बन गए हैं.

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नई दिल्ली: मार्च का महीना आमतौर पर गर्मी की शुरुआत का संकेत देता है, लेकिन इस बार मौसम ने सबको हैरान कर दिया है. देश के कई हिस्सों में अचानक ठंड बढ़ गई है, कहीं बारिश हो रही है तो कहीं तेज हवाएं और ओले गिर रहे हैं. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी ने सर्दियों की याद ताजा कर दी है. इस अप्रत्याशित बदलाव ने लोगों को हैरानी में डाल दिया है. मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे एक असामान्य पश्चिमी विक्षोभ जिम्मेदार है.

यह विक्षोभ भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ऊपर सक्रिय है. खास बात यह है कि इस बार यह सामान्य घुमावदार रूप में नहीं, बल्कि एक लंबी सीधी पट्टी के रूप में फैला हुआ है, जो करीब 1,000 किलोमीटर तक फैली हुई है. इसी कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है.

ऊंचाई की ठंडी हवाओं का असर

ऊपरी वायुमंडल में बहने वाली बर्फीली हवाओं ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है. ये ठंडी हवाएं जमीन के पास मौजूद नमी वाले बादलों से टकराकर उन्हें और सक्रिय कर रही हैं. इस प्रक्रिया के चलते मौसम की तीव्रता बढ़ गई है और कई जगहों पर अचानक तेज बारिश और आंधी देखी जा रही है.

देशभर में फैला असर

इस मौसम प्रणाली का असर सिर्फ एक-दो राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के कई हिस्सों में फैला हुआ है. उत्तर मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, हरियाणा, असम, आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी इसका प्रभाव देखा गया है. जहां पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है, वहीं मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई है.

मार्च में इतनी गतिविधि क्यों है खास

आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ दिसंबर से फरवरी के बीच ज्यादा सक्रिय रहते हैं और मार्च के अंत तक इनकी ताकत कम हो जाती है. लेकिन इस बार मार्च में इतनी तेज और व्यापक मौसम गतिविधियां होना सामान्य नहीं माना जाता. यही वजह है कि इस बदलाव को असामान्य माना जा रहा है.

आगे भी बदल सकता है मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 22 मार्च के आसपास एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है. इससे मौसम में हल्का बदलाव जारी रह सकता है, हालांकि इसकी तीव्रता कम रहने की उम्मीद है. इस मौसम बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिख रहा है. उत्तर भारत के कई इलाकों में दोपहर के समय तापमान 13 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य मार्च के मुकाबले काफी कम है. जहां आमतौर पर इस समय तापमान 28 से 35 डिग्री तक पहुंचता है, वहां इतनी गिरावट ने ठंड का एहसास बढ़ा दिया है. First Updated : Saturday, 21 March 2026

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