Weather Update: देशभर को चार महीने तक राहत और कभी-कभी आफत देने वाला मानसून आखिरकार विदा हो गया है. भारतीय मौसम विभाग ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है. विदाई से पहले सोमवार को हुई झमाझम बारिश ने गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत जरूर दी, लेकिन कई जगहों पर यह बारिश जानलेवा साबित हुई.
उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान बारिश के साथ गिरी बिजली ने कहर ढा दिया. अलग-अलग जिलों में वज्रपात से 22 लोगों की मौत हो गई. वहीं, मौसम विभाग का कहना है कि अभी अगले तीन दिनों तक राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश के आसार बने रहेंगे.
सोमवार से शुरू हुई पूर्वांचल की बारिश मंगलवार तक मध्य और पश्चिमी यूपी तक पहुंच गई. इस दौरान बिजली गिरने से 22 लोगों की मौत हुई. सबसे ज्यादा 14 मौतें कानपुर और आसपास के जिलों में दर्ज की गईं. प्रयागराज, श्रावस्ती, हाथरस, अलीगढ़, बांदा, मथुरा और फिरोजाबाद में भी वज्रपात से लोगों की जान गई. संभल जिले में एक स्कूल पर बिजली गिरने से छत ढह गई, जिसमें छह विद्यार्थी घायल हो गए.
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 24 घंटों में अंडमान-निकोबार में मध्यम से भारी वर्षा जारी रह सकती है. वहीं, उत्तराखंड, पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और कोंकण-गोवा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
इसके अलावा बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, मराठवाड़ा, केरल और लक्षद्वीप में हल्की वर्षा के आसार हैं. दिल्ली-एनसीआर में भी विदाई मानसून की आखिरी फुहार देखने को मिल सकती है.
लगातार बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है. कई जिलों में बाजरा, आलू और सरसों जैसी फसलें प्रभावित हुईं. मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार तक मध्य और पूर्वी यूपी के लगभग सभी जिलों में भारी वर्षा हो सकती है.
भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल देशभर में सामान्य से 8% अधिक वर्षा दर्ज की गई. जहां सामान्य तौर पर 868.6 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार 937.2 मिमी बारिश दर्ज की गई.
हालांकि, इस अतिरिक्त बारिश ने कई जगहों पर बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं को जन्म दिया. आंकड़ों के मुताबिक, इस मानसून सीजन में करीब 1500 लोगों की मौत हुई, जिनमें 935 लोग बाढ़ और भारी बारिश से, जबकि 570 लोग वज्रपात से मारे गए. First Updated : Wednesday, 01 October 2025