महिला सांसदों ने बैनर लेकर प्रधानमंत्री की सीट का किया घेराव, लोकसभा में मोदी के भाषण से कुछ मिनट पहले क्या हुआ?

लोकसभा में विपक्ष के तीव्र विरोध से प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन रद्द हो गया. सदन स्थगित कर दिया गया. महिला सांसदें वेल में घुसीं, हंगामा बढ़ा, झड़प जैसी स्थिति बनी. पीएम कुर्सी पर पहुंचने से पहले ही हंगामा मचा. भाजपा ने हमले का आरोप लगाया, विपक्ष ने डरने का तंज कसा.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः लोकसभा में बुधवार शाम को बड़ा हंगामा मचा, जिसके कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सदन को संबोधित करने का कार्यक्रम रद्द हो गया. सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया, जब विपक्षी सांसदों का विरोध प्रदर्शन तेज होकर झड़प जैसी स्थिति में बदल गया. यह सब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर पीएम की पारंपरिक प्रतिक्रिया से ठीक पहले हुआ.

विपक्ष का पूर्व नियोजित विरोध

दोपहर से ही विपक्षी सांसद तैयारी में दिखे. प्रधानमंत्री के भाषण से करीब 15 मिनट पहले वे पोस्टर और बैनर लेकर छोटे-छोटे समूहों में समन्वय करते नजर आए. समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव अपने साथियों के साथ, जबकि तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के नेतृत्व में थे. कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल भी रणनीति बना रहे थे. शाम करीब 4:50 बजे अभिषेक बनर्जी महुआ मोइत्रा के साथ आए और अन्य नेताओं से बात की. सपा सांसद अहिल्याबाई होलकर की तस्वीरों वाले पोस्टर लिए हुए थे, जबकि अन्य दलों के पास अलग-अलग बैनर थे. विपक्ष में स्पष्ट एकजुटता दिखी.

प्रियंका गांधी वाड्रा शाम 4:52 बजे सदन में पहुंचीं और चुपचाप अपनी सीट पर बैठ गईं. ठीक 5 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, जब संध्या राय ने कुर्सी संभाली. कुछ सेकंड में ही कांग्रेस की जेनीबेन नागाजी ठाकोर, वर्षा गायकवाड़, प्रतिभा धनोरकर और अन्य सांसद जो उचित लगे वो करो लिखा बड़ा बैनर लेकर वेल में पहुंच गए. टीएमसी और सपा के सदस्य भी शामिल हो गए और नारे लगने लगे.

हंगामा और झड़प की स्थिति

विरोध तेज होते ही सांसद गलियारों से सत्ता पक्ष की ओर बढ़े. भाजपा के अश्विनी वैष्णव, अनुराग ठाकुर, किरेन रिजिजू और निशिकांत दुबे हड़बड़ा गए. शाम 5:02 बजे, महज दो मिनट में अध्यक्ष ने सदन स्थगित कर दिया. स्थगन के बाद भी हंगामा जारी रहा. विपक्षी महिला सांसदें आगे बढ़ीं और निशिकांत दुबे को पुकारती रहीं. कांग्रेस की जेनीबेन, वर्षा और प्रतिभा दुबे के पीछे गईं. भाजपा की महिला सांसदें भी आगे आईं, जिससे तनावपूर्ण आमना-सामना हुआ. अश्विनी वैष्णव और अन्य मंत्रियों ने पीछे हटने की अपील की. दीपेंद्र हुड्डा ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत किया.

तनाव कम करने की कोशिशें

शाम 5:06 बजे से वरिष्ठ मंत्री अश्विनी वैष्णव, पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू और अनुराग ठाकुर विपक्षी नेताओं से बात करते दिखे. वैष्णव ने दीपेंद्र हुड्डा के कंधे पर हाथ रखकर शांति की अपील की. प्रियंका गांधी, अभिषेक बनर्जी, डिंपल यादव और सुप्रिया सुले चुपचाप स्थिति देखती रहीं. धीरे-धीरे सांसद पीछे हटे और सदन खाली हो गया.

आरोप-प्रत्यारोप का दौर

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया कि विपक्ष की महिला सांसदें वेल में घुसीं, पीएम की कुर्सी पर चढ़ीं और मंत्रियों की अपील अनसुनी की. उन्होंने कहा, "वे प्रधानमंत्री पर हमला भी कर सकती थीं." तिवारी ने इसे सुरक्षा के लिए खतरा बताया. विपक्ष ने पलटवार किया. प्रियंका गांधी ने कहा कि पीएम डर गए थे, इसलिए नहीं आए. उन्होंने वैष्णव और दुबे पर बुलेट ट्रेन की तरह भाग गए का तंज कसा. डिंपल यादव ने कहा कि वे उम्मीद कर रही थीं कि पीएम मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ और अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा की बर्बरता पर बोलेंगे.
 

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