नोएडा का अंधविश्वास टूटा: योगी बोले कुर्सी जानी ही है तो डर किस बात का अब
सीएम योगी आदित्यनाथ ने नोएडा को लेकर फैले अंधविश्वास पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कैसे विरोध के बावजूद वहां गए और लाखों लोगों को उनका हक दिलाया।

योगी ने कैसे तोड़ा अंधविश्वास?
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी ने इस सोच को चुनौती दी। उन्हें भी सलाह दी गई कि नोएडा मत जाइए। उन्होंने पूछा क्यों नहीं जाना चाहिए। जवाब मिला कि इससे कुर्सी चली जाती है। योगी ने कहा कि कुर्सी एक दिन जानी ही है। फिर डर किस बात का। उन्होंने फैसला लिया कि वह जरूर जाएंगे। और फिर कई बार नोएडा गए। उनका कार्यकाल भी पूरा हुआ और वह दोबारा सीएम बने।
नोएडा जाकर क्या देखा योगी ने?
जब योगी नोएडा पहुंचे तो तस्वीर अलग थी। वहां चार लाख से ज्यादा घर खरीदार परेशान थे। लोगों ने अपनी जिंदगी की कमाई लगा दी थी। लेकिन मकान नहीं मिले थे। कई इमारतें अधूरी खड़ी थीं। कुछ खंडहर बन चुकी थीं। लोग कर्ज भी चुका रहे थे। और घर भी नहीं मिला था। यह हाल देखकर योगी हैरान रह गए।
कैसे मिला घर खरीदारों को हक?
योगी ने इस समस्या पर तुरंत काम शुरू किया। उन्होंने नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की बैठक बुलाई। अधिकारियों ने बताया कि उन पर हजारों करोड़ का कर्ज है। बिल्डर भी परेशान थे। खरीदार भी रो रहे थे। योगी ने साफ कहा कि हर हाल में मकान देना होगा। इसके लिए नई पॉलिसी बनाई गई। सिस्टम में बदलाव किए गए। भ्रष्ट लोगों को हटाया गया। धीरे-धीरे काम आगे बढ़ा।
कितने लोगों को मिला फायदा?
सरकार के प्रयास का असर दिखा। करीब चार लाख लोगों को उनके मकान मिल गए। यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। जिन लोगों ने उम्मीद छोड़ दी थी उन्हें घर मिला। परिवारों को राहत मिली। यह फैसला लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लेकर आया। सरकार इसे अपनी बड़ी सफलता बता रही है।
अथॉरिटी घाटे से मुनाफे में कैसे आई?
पहले अथॉरिटी खुद कर्ज में डूबी थी। नोएडा अथॉरिटी पर 6 हजार करोड़ का कर्ज था। ग्रेटर नोएडा पर भी भारी कर्ज था। लेकिन सुधारों के बाद स्थिति बदली। आज वही अथॉरिटी मुनाफे में है। हजारों करोड़ का सरप्लस बताया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर भी तेजी से विकसित हुआ है। निवेश भी बढ़ा है। यह बदलाव साफ दिख रहा है।
अखिलेश पर क्यों साधा निशाना?
योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग विकास में बाधा डालते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग पहले नहीं गए आज वही वहां जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ये लोग विकास रोकते थे। अब विकास की बात कर रहे हैं। यह सवाल भी उठाया कि आखिर तब क्यों नहीं गए।


