फौजी ठिकानों की LIVE जासूसी में बड़ा खुलासा, सोलर कैमरों और SIM नेटवर्क के जरिए पाकिस्तान तक पहुंची फीड, 17 गिरफ्तार
देश में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। फौजी ठिकानों की लाइव फीड पाकिस्तान भेजी जा रही थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़ा खुलासा किया है। देश के कई राज्यों में फैले जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह नेटवर्क फौजी ठिकानों की जानकारी पाकिस्तान तक भेज रहा था। सोलर कैमरों और सिम के जरिए लाइव फीड ट्रांसफर हो रही थी। मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर है। जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं।
क्या पाकिस्तान से जुड़ा था नेटवर्क?
जांच में पता चला कि यह नेटवर्क पाकिस्तान से जुड़ा था। Inter-Services Intelligence की भूमिका सामने आई है। दुश्मन देश में बैठे लोग लाइव फीड देख रहे थे। यह जानकारी बेहद संवेदनशील थी। इससे सुरक्षा को बड़ा खतरा था। एजेंसियां अब हर कड़ी को जोड़ने में लगी हैं। मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है।
क्या सोलर कैमरों से हो रही थी जासूसी?
आरोपियों ने अनोखा तरीका अपनाया था। सोलर पावर से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों में सिम कार्ड लगाए गए थे। यह कैमरे फौजी ठिकानों के पास लगाए गए। इनसे लाइव वीडियो भेजा जा रहा था। यह पूरा सिस्टम छिपाकर लगाया गया था। इससे पता लगाना मुश्किल था।
किन राज्यों में फैला था नेटवर्क?
यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाया गया। जहां सेना की आवाजाही ज्यादा होती है। इन जगहों पर कैमरे लगाए गए। इससे दुश्मन हर गतिविधि पर नजर रख रहा था। यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा था।
क्या पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा?
पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान कई सबूत मिले। कैमरे और हथियार बरामद हुए। विदेशी पिस्तौल भी मिली हैं। कारतूस भी बरामद किए गए। इससे साफ है कि मामला गंभीर था। जांच अभी जारी है।
क्या पैसों के लालच में बने गद्दार?
पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। आरोपियों को पैसों का लालच दिया गया था। यह पैसा सीमा पार से आ रहा था। हथियार और ड्रग्स की तस्करी से पैसा आता था। इसी पैसे से नेटवर्क चल रहा था। मुख्य आरोपी सीधे पाकिस्तान से जुड़ा था। उसने बाकी लोगों को भी जोड़ा।
क्या टल गया बड़ा आतंकी हमला?
पुलिस के अनुसार बड़ा खतरा टल गया है। यह नेटवर्क आतंकी साजिश में भी शामिल था। सुरक्षा ठिकानों पर हमले की योजना थी। ग्रेनेड हमले की तैयारी थी। समय रहते कार्रवाई हो गई। कई जानें बच सकती हैं। अब एजेंसियां आगे की जांच में जुटी हैं।


