14 मिलियन ईरानी अपनी जान कुर्बान करने को तैयार ट्रंप की समय सीमा नजदीक आने पर राष्ट्रपति पेजेशकियान का बयान आया सामने

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान को बातचीत के लिए दिए गए अल्टीमेटम धीरे-धीरे नजदीक आ रहा है. इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि उनके देश के लोग अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए जान देने को तैयार हैं.

calender

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को बातचीत के लिए दिए गए अल्टीमेटम की उल्टी गिनती तेज हो गई है. इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि उनके देश के लोग अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए जान देने को तैयार हैं.

ईरानी राष्ट्रपति का संकल्प

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पेज़ेश्कियन ने लिखा, "अब तक 14 मिलियन से ज्यादा गर्वित ईरानियों ने ईरान की रक्षा में अपनी जान कुर्बान करने की इच्छा जताई है. मैं भी ईरान के लिए बलिदान देता रहा हूं, दे रहा हूं और देता रहूंगा." 

यह बयान ट्रंप की समय सीमा के करीब आने के समय में आया है, जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है. ईरान के राष्ट्रपति ने साफ संकेत दिया कि उनका देश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है.

मानव श्रृंखला का आह्वान

इससे पहले ईरान के उप खेल मंत्री अलिरेजा रहीमी ने देश के एथलीटों, कलाकारों, युवाओं और छात्रों से अपील की कि वे बिजली संयंत्रों के चारों ओर "मानव श्रृंखला" बनाएं. उन्होंने इसे ट्रंप के संभावित हवाई हमलों के खिलाफ प्रतीकात्मक और व्यावहारिक कदम बताया.

एक वीडियो संदेश में रहीमी ने कहा कि मंगलवार दोपहर 2 बजे स्थानीय समयानुसार लोग बिजली संयंत्रों के पास इकट्ठा हों. उन्होंने जोर देकर कहा, "ये हमारी संपत्ति और हमारा सामान हैं, इन्हें बचाना हमारा कर्तव्य है."

ट्रंप का अल्टीमेटम और चेतावनी

ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए पूरी तरह खोलने का आदेश दिया है. उन्होंने मंगलवार रात 8 बजे (वाशिंगटन समय) तक की समय सीमा तय की है. अगर ईरान इसकी अनदेखी करता है तो अमेरिका ईरान के सभी बिजली संयंत्रों और पुलों पर बड़े पैमाने पर हमला करेगा.

ट्रंप ने कहा कि हमले इतने तेज होंगे कि लक्षित सुविधाएं चार घंटे के अंदर जलकर राख हो जाएंगी और कभी इस्तेमाल नहीं हो सकेगी. व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने चेतावनी दी, "पूरा देश एक ही रात में तबाह हो सकता है." उन्होंने जोर दिया कि ईरान को समझौता करने के लिए पर्याप्त समय दिया जा चुका है.

दोनों पक्षों का अडिग रुख

ईरान की ओर से बलिदान की भावना और मानव ढाल बनाने की अपील दिखाती है कि तेहरान किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं है. वहीं ट्रंप का सख्त बयान दर्शाता है कि अमेरिका भी अपने मांगों पर अड़ा हुआ है. मानना है कि यह स्थिति मध्य पूर्व में और तनाव बढ़ा सकती है. दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता अभी भी खुला है, लेकिन समय सीमा नजदीक होने से स्थिति बेहद नाजुक हो गई है. First Updated : Tuesday, 07 April 2026