Afghanistan statement on ceasefire: अफगानिस्तान की राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में पाकिस्तान के साथ हुए सीजफायर समझौते को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है. मंत्रालय ने साफ किया कि इस समझौते में वही बिंदु शामिल हैं, जिन्हें इस्लामिक अमीरात के रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सार्वजनिक रूप से साझा किया था. मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि पाकिस्तान के साथ हुए समझौते की पूरी जानकारी रक्षा मंत्री द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जा चुकी है. इसके अलावा कोई अन्य विवरण मान्य नहीं है.
इस समझौते में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखने, संयम बरतने और एक-दूसरे की सेना, नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमले से परहेज करने की बात कही गई है. साथ ही, यह तय किया गया है कि किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या हमले की सुविधा किसी पक्ष द्वारा नहीं दी जाएगी. मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि इन बिंदुओं से इतर दी गई कोई भी जानकारी न केवल असत्य है, बल्कि गैरकानूनी भी मानी जाएगी.
यह स्पष्टीकरण पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ के बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सीजफायर के विवरण "गोपनीय" हैं. अफगानिस्तान ने इस दावे को सीधे तौर पर नकारते हुए कहा कि समझौते में कुछ भी गुप्त नहीं है और जो बातें सार्वजनिक की गई हैं, वही इस समझौते का हिस्सा हैं.
अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह समझौता कतर में हुई बैठक के दौरान तय हुआ, जहां कतर और तुर्की ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई. दोनों देशों ने आपसी सम्मान और शांतिपूर्ण पड़ोसी संबंध बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई. साथ ही, यह भी तय किया गया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान किसी ऐसे संगठन या समूह को समर्थन नहीं देंगे जो एक-दूसरे की सरकार या संस्थानों पर हमला करे. First Updated : Wednesday, 22 October 2025