बढ़ती नजदीकियों के बीच अमेरिका ने पाकिस्तान को लगाई फटकार, जानिए क्यों...
अमेरिका ने वार्षिक मानवाधिकार रिपोर्ट में पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई, जबकि भारत पर भी सीमित कार्रवाई का उल्लेख किया.

Annual Human Rights Report: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों भारत से नाराज नजर आ रहे हैं. उन्होंने भारत पर आयातित सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है, जबकि पहले यह 25 प्रतिशत था. ट्रंप की नाराजगी का एक बड़ा कारण भारत का रूस से तेल खरीदना बताया जा रहा है. इस बीच अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में नजदीकी आई है. पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर हाल ही में दो बार अमेरिका का दौरा कर चुके हैं, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में गर्माहट दिखी है.
अमेरिका की वार्षिक मानवाधिकार रिपोर्ट
इसी बीच एक अहम मामला सामने आया है. अमेरिका ने 12 अगस्त को अपनी वार्षिक मानवाधिकार रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में पाकिस्तान को मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर कड़ी फटकार लगाई गई है. रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान में मानवाधिकार हनन के मामलों में सरकार शायद ही कभी सख्त कार्रवाई करती है. हालांकि भारत का भी इसमें उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया कि भारत ने मानवाधिकार उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ न्यूनतम विश्वसनीय कदम उठाए और कार्रवाई सीमित रही.
रिपोर्ट का आकार इस बार छोटा किया गया है. खासकर सहयोगी देशों पर की जाने वाली आलोचना को कम कर दिया गया है. राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में वैश्विक मानवाधिकार रिपोर्ट को संक्षिप्त करने और मित्र देशों की आलोचना को नरम करने की नीति अपनाई गई है. इसके बावजूद पाकिस्तान को लेकर की गई टिप्पणियां उसके लिए बड़ा झटका हैं, क्योंकि इसमें उसके मानवाधिकार रिकॉर्ड पर सवाल खड़े किए गए हैं.
भारत और अमेरिका के बीच दूरी
भारत और अमेरिका के बीच दूरी बढ़ने की वजह आर्थिक और कूटनीतिक दोनों हैं. ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि भारत एक अच्छा साझेदार नहीं है और यही कहते हुए उन्होंने टैरिफ दर को दोगुना कर दिया. दूसरी ओर, पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंधों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है और उच्च-स्तरीय मुलाकातें इसका सबूत हैं.
कुल मिलाकर, एक तरफ जहां अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं. वहीं, भारत और अमेरिका के बीच तनाव के संकेत साफ दिख रहे हैं. मानवाधिकार रिपोर्ट ने पाकिस्तान की छवि पर चोट की है, लेकिन ट्रंप प्रशासन की भारत के प्रति कड़ी आर्थिक नीति दोनों देशों के रिश्तों पर दबाव डाल रही है.


