Trump Xi Jinping meeting 2025 : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि वे चार सप्ताह के भीतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे. इस बहुप्रतीक्षित बैठक में सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पाद मुख्य चर्चा का विषय होंगे, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव एक बार फिर गहराता जा रहा है.
ट्रंप के टैरिफ के बीच व्यापार संघर्ष जारी
आपको बता दें कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार संघर्ष ने एक बार फिर उग्र रूप ले लिया है. वॉशिंगटन ने हाल ही में चीनी वस्तुओं पर 145 प्रतिशत तक प्रभावी टैरिफ बढ़ा दिए, जिसके जवाब में बीजिंग ने जवाबी शुल्क और निर्यात नियंत्रण लागू किए. हालांकि मई में कुछ नरमी आई जब दोनों पक्षों ने कुछ शुल्कों को कम किया. अमेरिका ने अधिकांश टैरिफ को घटाकर 30 प्रतिशत के आधार स्तर पर लाया, हालांकि फेंटानिल से जुड़े और पारस्परिक टैरिफ अब भी बरकरार हैं. फिलहाल, अमेरिकी शुल्क दर लगभग 55 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है.
चीन, अमेरिकी किसानों को नुकसान पहुंचा रहा
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि चीन, सोयाबीन की खरीद बंद कर अमेरिकी किसानों को जानबूझकर नुकसान पहुँचा रहा है. उन्होंने इसे एक "मोलभाव की रणनीति" करार दिया. ट्रंप ने वादा किया कि टैरिफ से एकत्रित राजस्व का एक हिस्सा किसानों को राहत देने में इस्तेमाल किया जाएगा.
बाइडन चीन के साथ समझौता करने में विफल रहे
इसके साथ ही ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की आलोचना करते हुए कहा कि बाइडन ने वह व्यापार समझौता लागू नहीं किया जिसमें चीन को अरबों डॉलर मूल्य की अमेरिकी कृषि वस्तुएं खरीदनी थीं. ट्रंप ने कटाक्ष करते हुए कहा, "स्लीपी जो बाइडन चीन के साथ हमारा समझौता लागू करने में विफल रहे."
चीन की जवाबी रणनीति और सोयाबीन पर रोक
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि चीन द्वारा अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद रोकना, विशेषकर सोयाबीन, बीजिंग की प्रमुख जवाबी रणनीति है. बताया जा रहा है कि चीन ने अप्रैल से अमेरिकी सोयाबीन की खरीद पूरी तरह से बंद कर दी है, जिससे अमेरिकी कृषि बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि आगामी बैठक में सोयाबीन और अन्य फसलों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा और उन्होंने आश्वासन दिया कि "सब कुछ बहुत अच्छे से सुलझ जाएगा."
व्यापारिक वार्ता में "मजबूत अमेरिका" की छवि
ट्रंप के लिए यह बैठक एक अवसर है यह दर्शाने का कि अमेरिका व्यापार वार्ता में मजबूत स्थिति में है. उन्होंने दोहराया कि टैरिफ से अमेरिका को अरबों डॉलर की आमदनी हुई है, और यह मौजूदा "डील" अमेरिका के पक्ष में काम कर रही है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने भी इस पर जोर देते हुए कहा कि "चीनी वस्तुओं पर 55 प्रतिशत शुल्क की स्थिति अमेरिका के लिए एक अच्छा ‘status quo’ है."
चुनावी साल में ट्रंप की किसानों को साधने की कोशिश
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का यह रुख 2024 के चुनावी माहौल को ध्यान में रखते हुए किसानों और व्यापारिक वर्ग को अपने पक्ष में बनाए रखने का प्रयास है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "मैं कभी अपने किसानों को निराश नहीं करूंगा. MAKE SOYBEANS, AND OTHER ROW CROPS, GREAT AGAIN!" ट्रंप और शी जिनपिंग की आगामी बैठक वैश्विक व्यापार समीकरणों पर गहरा असर डाल सकती है, विशेषकर कृषि और आयात-निर्यात नीति के संदर्भ में. अब सबकी नजरें इस बातचीत और उसमें लिए जाने वाले फैसलों पर टिकी हैं.
First Updated : Thursday, 02 October 2025