नई दिल्ली: काला सागर में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जहां तुर्की सरकार ने पुष्टि की है कि रूसी तेल टैंकर Virat और Kairos पर शनिवार को एक बार फिर नौका (ड्रोन) से हमला किया गया. यह हमला उस घटना के अगले ही दिन हुआ जब Kairos पर पहला विस्फोट हुआ था. तुर्की तटरेखा के पास हुए धमाकों से दोनों जहाजों में हड़कंप मच गया और अफरातफरी का माहौल बन गया.
सोशल मीडिया पर शेयर फुटेज में Virat के एक क्रू सदस्य को घबराए हुए ड्रोन अटैक चिल्लाते हुए सुना गया, जहां वह नीड हेल्प और मायडे की पुकार लगाता है. लगातार हो रहे धमाकों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है.
तुर्की के परिवहन एवं बुनियादी ढांचा मंत्री अब्दुलकादिर उरालोग्लू ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में बताया कि शुरुआती चेतावनियों में आशंका जताई गई थी कि Kairos किसी समुद्री माइन से टकरा गया होगा. इसके बाद Virat पर विस्फोट की खबर सामने आई.
मंत्री ने कहा कि हमारे दल ने दूसरे जहाज पर विस्फोट की पुष्टि की है, जो संभवतः बाहरी हस्तक्षेप के कारण हुआ है. संभावना है कि विस्फोट में कोई बारूदी सुरंग, मिसाइल, समुद्री जहाज या ड्रोन शामिल हो, लेकिन हमारे पास निश्चित पुष्टि का अभाव है.
एएफपी ने एक यूक्रेनी सुरक्षा सूत्र के हवाले से दावा किया कि हमले को यूक्रेन ने अंजाम दिया, क्योंकि माना जा रहा था कि ये टैंकर प्रतिबंधित रूसी तेल को गुपचुप तरीके से ले जा रहे थे. रिपोर्ट में कहा गया कि आधुनिक सी बेबी नौसैनिक ड्रोनों ने जहाज को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया.
शुक्रवार को लगभग 1500 GMT पर Kairos पर धमाका हुआ, जिसके बाद जहाज पर आग भड़क उठी. बचाव दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 25 क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया. अधिकारियों के अनुसार यह जहाज बोस्फोरस जलडमरूमध्य से लगभग 100 किलोमीटर पूर्व में स्थित था.
इसके कुछ समय बाद Virat पर दूसरा हमला हुआ, जो वेसलफाइंडर ट्रैकिंग साइट के अनुसार घटना स्थल से करीब 400 किलोमीटर और पूर्व में था. दोनों जहाजों पर हुए लगातार हमलों ने काला सागर क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और गहरा कर दिया है. First Updated : Sunday, 30 November 2025