बांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय... कौन है अगले PM पद के उम्मीदवार तारिक रहमान? भारत से कैसे रिश्ते
बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी बहुमत के करीब पहुंच गई है. पार्टी प्रमुख तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा तेज है. अंतिम फैसला बाकी है, लेकिन राजनीतिक माहौल में सत्ता परिवर्तन के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं.

ढाका: बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है. आम चुनाव के ताजा रुझानों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) बहुमत के आंकड़े को पार करती नजर आ रही है. इसके साथ ही पार्टी के प्रमुख नेता तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने की चर्चाएं तेज हो गई हैं.
हालांकि, आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक हलकों में उनके नाम को लेकर अटकलें बढ़ गई हैं. बीएनपी का मुकाबला जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन से माना जा रहा है. लेकिन मौजूदा रुझानों ने साफ संकेत दिया है कि बीएनपी बढ़त बनाए हुए है.
कौन हैं तारिक रहमान?
60 वर्षीय तारिक रहमान बांग्लादेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं. वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं. खालिदा जिया तीन बार देश की प्रधानमंत्री रह चुकी थीं. हाल ही में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया. मां के निधन के बाद रहमान 17 वर्षों के स्वैच्छिक निर्वासन को खत्म कर देश लौटे. वह 2008 से लंदन में रह रहे थे और वहीं से पार्टी की गतिविधियों का संचालन कर रहे थे. दिसंबर में उनकी वापसी के बाद उन्हें बीएनपी का अध्यक्ष बनाया गया.
तारिक रहमान ने युवा अवस्था में ही राजनीति में कदम रखा. 1988 में उन्होंने पार्टी की स्थानीय इकाई के एक सामान्य सदस्य के रूप में बीएनपी जॉइन की. 1991 के राष्ट्रीय चुनाव से पहले उन्होंने देशभर में अपनी मां के साथ प्रचार किया. 2002 में उन्हें बीएनपी का वरिष्ठ संयुक्त महासचिव बनाया गया. बाद में 2009 में वह वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने. 2018 में जब खालिदा जिया जेल में थीं, तब रहमान को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई. इस दौरान उन्होंने वर्चुअल माध्यम से पार्टी का नेतृत्व किया.
भारत के साथ रिश्तों पर क्या असर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनते हैं, तो भारत के साथ रिश्तों में नया संतुलन देखने को मिल सकता है. खालिदा जिया के शासनकाल में बीएनपी पर पाकिस्तान समर्थक और इस्लामवादी समूहों के प्रति नरम रुख अपनाने के आरोप लगते रहे थे. हालांकि पार्टी के हालिया घोषणापत्र में पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध बनाने और सहयोग बढ़ाने की बात कही गई है. 51-सूत्रीय घोषणा पत्र में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए अधिक संसाधन देने का भी वादा किया गया है.
अब सबकी नजर अंतिम चुनाव परिणाम और बीएनपी के औपचारिक फैसले पर टिकी है. अगर पार्टी बहुमत के साथ सरकार बनाती है, तो तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश की राजनीति नए दौर में प्रवेश कर सकती है. यह बदलाव देश की आंतरिक नीतियों के साथ-साथ क्षेत्रीय संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है.


