Hindu Temple Vandalism USA: अमेरिका में हिंदू समुदाय को निशाना बनाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. इंडियाना के ग्रीनवुड शहर से ताजा मामला सामने आया है, जहां बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर को भारत विरोधी कलाकृति से अपवित्र किया गया. इस घटना का संदेह खालिस्तान समर्थक तत्वों पर जताया जा रहा है, जो पहले भी हिंदू मंदिरों को निशाना बना चुके हैं. हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मंदिर परिसर की दीवारों और साइनबोर्ड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भारत विरोधी नारे लिखे गए हैं. शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इसे निंदनीय करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने बताया कि एक साल से भी कम समय में चौथी बार, हिंदू मंदिर को अपवित्र किया गया है, इस बार ग्रीनवुड, आईएन में बीएपीएस मंदिर. भारत विरोधी चित्रों के साथ मंदिरों में तोड़फोड़ करना खालिस्तान समर्थक अलगाववादी कार्यकर्ताओं द्वारा अक्सर इस्तेमाल की जाने वाली रणनीति है और यह इस बात की कड़ी याद दिलाता है कि अमेरिकी हिंदुओं को ‘हिंदुत्व’ के रूप में अपमानित करना इस तरह की नफरत को कैसे बढ़ावा देता है. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि अमेरिकी निर्वाचित अधिकारी केवल खोखली निंदा न करें, बल्कि अपराधियों को कानूनी तौर पर जवाबदेह ठहराएं.
शिकागो में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने ग्रीनवुड, इंडियाना के बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के मुख्य साइनबोर्ड के साथ हुई तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा की है. इस निंदनीय घटना ने समुदाय को झकझोर दिया है. वाणिज्य दूतावास ने स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर इस मामले को गंभीरता से उठाया है और त्वरित कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के समक्ष इसे पेश किया है, ताकि जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें. महावाणिज्य दूत ने ग्रीनवुड के महापौर, स्थानीय नेतृत्व और श्रद्धालुओं से मुलाकात कर एकजुटता व सतर्कता बनाए रखने की अपील भी की.
यह घटना कोई पहली बार नहीं है. इसी साल मार्च में दक्षिणी कैलिफोर्निया के एक प्रतिष्ठित हिंदू मंदिर में भी तोड़फोड़ की गई थी. वहां भी हिंदू विरोधी और भारत सरकार विरोधी संदेश लिखे गए थे. भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा था हम ऐसे घृणित कृत्यों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. हम स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और धार्मिक स्थलों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं. First Updated : Wednesday, 13 August 2025