BNP ने चुनाव जीतने के लिए भारत और अवामी लीग के साथ...NCP के संयोजक नाहिद इस्लाम का बड़ा आरोप

बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय चुनाव संपन्न हो चुके है. बीएनपी ने इस चुनाव में भारी बहुमत हासिल किए है.जिसके बाद तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ भी ले लिया है. वहीं अब NCP के संयोजक नाहिद इस्लाम ने आरोप लगाया है कि चुनाव के दौरान BNP ने भारत और आवामी लीग के साथ कथित साठगांठ कर जीत सुनिश्चित की है. 

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : बांग्लादेश में हाल ही में हुए 13वें संसदीय चुनाव के बाद राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है. जहां बीएनपी की सरकार सत्ता में आई है, वहीं छात्र आंदोलन से निकली नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के नेता नाहिद इस्लाम ने सत्ताधारी दल पर गंभीर इल्जाम लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि बीएनपी ने चुनाव जीतने के लिए भारत और प्रतिबंधित अवामी लीग के साथ सांठगांठ की. अवामी लीग के दफ्तरों के फिर से खुलने और चुनाव में कथित हेरफेर को लेकर नाहिद ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया है. यह विवाद लोकतंत्र की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है और आने वाले दिनों में टकराव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

बीएनपी पर मिलीभगत का आरोप

आपको बता दें कि नाहिद इस्लाम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 13वें राष्ट्रीय चुनाव में बीएनपी ने भारत और अवामी लीग के साथ मिलकर काम किया ताकि उनकी जीत सुनिश्चित हो सके. उन्होंने इसे स्पष्ट सांठगांठ बताया. नाहिद का मानना है कि बिना बीएनपी की हरी झंडी के अवामी लीग के कार्यकर्ता इतनी हिम्मत नहीं दिखा पाते. यह आरोप बांग्लादेश की राजनीति में नए विवाद की शुरुआत कर चुका है. 

अवामी लीग दफ्तरों के फिर से खुलने पर सवाल

देश के कई जिलों और उपजिलों में अवामी लीग के पुराने दफ्तर फिर से खुल रहे हैं, जबकि पार्टी की गतिविधियां आधिकारिक रूप से प्रतिबंधित हैं. नाहिद ने कहा कि मुकदमों के बावजूद यह हो रहा है. उनका आरोप है कि यह बीएनपी की मौन सहमति से संभव हुआ है. यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती तो जिम्मेदारी उसकी होगी. 

चुनाव परिणामों पर संदेह

नाहिद इस्लाम ने चुनाव नतीजों को संदिग्ध बताया. एनसीपी चुनाव परिणामों से बेहद निराश है. उनके अनुसार मतगणना में हेरफेर हुआ जिससे असली जनादेश प्रभावित हुआ. उन्होंने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों का जिक्र किया जहां वोटों में बदलाव के सबूत मिले हैं. यह दावा चुनाव की विश्वसनीयता पर गहरा सवाल खड़ा करता है. 

चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग

नाहिद ने पूरी चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि जनता का लोकतंत्र पर भरोसा कायम रहे. उन्होंने स्पष्ट किया कि एनसीपी लोकतांत्रिक तरीके से हर संवैधानिक कदम उठाएगी. यदि अवामी लीग को राजनीतिक रूप से पुनर्जीवित करने की कोशिश जारी रही तो व्यापक विरोध होगा. जनता ऐसी साजिश बर्दाश्त नहीं करेगी. 

राजनीतिक टकराव की आशंका

ये आरोप बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को और उलझा रहे हैं. एनसीपी और बीएनपी के बीच तनाव बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सियासी गतिविधियां और तेज होंगी. यदि सरकार इन मुद्दों पर पारदर्शी रुख नहीं अपनाती तो सड़क पर विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं. लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर नया दौर शुरू हो सकता है. 

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