इराक के पास मालवाहक जहाज पर मिसाइल और ड्रोन से हमला, ईरान ने खुद ली जिम्मेदारी

खाड़ी क्षेत्र में एक मालवाहक जहाज पर हुए दो शक्तिशाली धमाकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनके सुरक्षा बलों ने इराक के उम्म कसर बंदरगाह के पास मौजूद एक कार्गो जहाज को निशाना बनाया.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के बीच सोमवार को खाड़ी क्षेत्र में एक मालवाहक जहाज पर हुए दो शक्तिशाली धमाकों ने हालात को और गंभीर बना दिया. खास बात यह है कि इस हमले की जिम्मेदारी खुद ईरान ने ली है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनके सुरक्षा बलों ने इराक के उम्म कसर बंदरगाह के पास मौजूद एक कार्गो जहाज को निशाना बनाया. इराकी बंदरगाह कंपनी के मीडिया विभाग ने पुष्टि की है कि संबंधित मालवाहक जहाज को उम्म कसर बंदरगाह के आसपास देखा गया था. 

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हमला बंदरगाह से करीब 40 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व दिशा में हुआ. घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और मामले की जांच शुरू कर दी गई. समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना पर नजर रखी जा रही है. खाड़ी क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए ऐसी घटनाएं वैश्विक व्यापार को भी प्रभावित कर सकती हैं.

आईआरजीसी ने संभाली कार्रवाई की जिम्मेदारी

ईरानी समाचार चैनल IRINN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने अंजाम दिया. रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह कार्रवाई एक विशेष सैन्य अभियान का हिस्सा थी. ईरान की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि यह हमला उसकी रणनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा था. हालांकि इस संबंध में अधिक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

क्रूज मिसाइल से किया गया पहला हमला

ईरान ने दावा किया है कि उसने 'सारिस्का' नामक मालवाहक जहाज को एक क्रूज मिसाइल के जरिए निशाना बनाया. बताया गया कि मिसाइल सीधे जहाज के हिस्से से टकराई, जिससे वहां जोरदार विस्फोट हुआ. धमाके के बाद जहाज को भारी नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई. विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र में चल रहे किसी जहाज पर क्रूज मिसाइल से हमला करना एक जटिल सैन्य कार्रवाई मानी जाती है, जिसके लिए सटीक लक्ष्य निर्धारण की आवश्यकता होती है.

मिसाइल के बाद ड्रोन से दूसरा वार

घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी जानकारी साझा की. एजेंसी के अनुसार, जहाज के दाहिने हिस्से पर किसी मिसाइल या अन्य प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ था, जिसके बाद बड़ा विस्फोट देखने को मिला. इसके कुछ समय बाद जहाज पर दूसरा धमाका भी हुआ. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह विस्फोट संभवतः ड्रोन हमले की वजह से हुआ. 

अधिकारियों का मानना है कि जहाज को अधिक नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार दो अलग-अलग माध्यमों से हमला किया गया. दो लगातार धमाकों के बाद जहाज में भीषण आग लग गई. समुद्र के बीच आग लगने से जहाज पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. राहत की बात यह रही कि आपातकालीन प्रयासों के जरिए आग पर समय रहते काबू पा लिया गया.

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