नई दिल्ली: जैव विविधता के लिए मशहूर न्यूजीलैंड में जंगली बिल्लियों का आतंक अब बर्दाश्त से बाहर हो गया है. देश की अनोखी प्रजातियों और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली इन बिल्लियों के खिलाफ सरकार ने बड़े पैमाने पर अभियान की घोषणा की है. योजना के तहत अगले ढाई दशक में देश से इन शिकारी बिल्लियों को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है.
संरक्षण मंत्री तमा पोटाका ने इस योजना को लेकर कहा कि फेरल बिल्लियों को स्टोन कोल्ड किलर कहा जा सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य केवल जंगली बिल्लियों को खत्म करना है और घरेलू बिल्लियों को इससे कोई खतरा नहीं है.
पोटाका ने बताया कि ये बिल्लियां घरेलू बिल्लियों से बिल्कुल अलग होती हैं. ये इंसानों के संपर्क को बर्दाश्त नहीं करतीं और जरूरत से ज्यादा शिकार करती हैं. उनके इस शिकार के कारण कई देशी प्रजातियां अब लगभग नष्ट हो चुकी हैं. न्यूजीलैंड में इनके आतंक की वजह से देशी बिल्लियों की संख्या बेहद कम रह गई है.
मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि स्टुअर्ट द्वीप पर दक्षिणी डॉटरेल पक्षी लगभग खत्म हो गया है, वहीं उत्तरी द्वीप के ओहाकुने इलाके में पिछले एक हफ्ते में 100 से ज्यादा चमगादड़ों की हत्या हुई है.
न्यूजीलैंड की सरकार ने बताया कि देश की अनोखी जलवायु और जैव विविधता को संरक्षित रखने के लिए इन शिकारी बिल्लियों पर नियंत्रण आवश्यक है. वर्तमान में देश में लगभग 25 लाख जंगली बिल्लियां मौजूद हैं, जो घरेलू बिल्लियों की तुलना में थोड़ी बड़ी और करीब 7 किलो वजन की होती हैं. इनकी बढ़ती संख्या जंगलों और खेतों तक में दिखाई देती है.
पोटाका ने कहा कि ये बिल्लियां केवल प्रजातियों को नुकसान नहीं पहुंचातीं, बल्कि रोगजनक भी हैं. यह टॉक्सोप्लाजमोसिस जैसी बीमारियां फैलाती हैं, जो इंसानों और दुधारू पशुओं दोनों के लिए खतरा हैं.
इन सभी खतरों को देखते हुए सरकार ने Predator Free 2050 योजना बनाई है. इसका उद्देश्य न्यूजीलैंड की जैव विविधता को सुरक्षित रखना और आक्रामक प्रजातियों से बचाना है. इस योजना के तहत अगले 25 साल में जंगली बिल्लियों का पूरी तरह सफाया करने की रणनीति अपनाई जाएगी. First Updated : Saturday, 29 November 2025