खामेनेई की मौत के बाद ईरान में जश्न और खामोशी का टकराव, सड़कों पर दिखा बदलते दौर का संकेत
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हमले में मौत की खबर से देशभर में हलचल मच गई, जहां कुछ शहरों में लोगों ने जश्न मनाया तो कई जगह डर और अनिश्चितता का माहौल देखा गया.

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आते ही पूरे देश में अभूतपूर्व हलचल देखने को मिली. जानकारी के मुताबिक, तेहरान में स्थित उनके कार्यालय पर हुए हमले में उनकी जान चली गई. इस खबर के फैलते ही ईरान के कई शहरों में लोग सड़कों पर निकल आए और अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कुछ जगहों पर लोगों ने इसे बड़े बदलाव की शुरुआत मानते हुए जश्न मनाया, जबकि कई इलाकों में अनिश्चितता और डर का माहौल भी देखा गया.
तेहरान के पास लोगों ने जताई खुशी
राजधानी तेहरान के पास करज शहर में लोगों ने अपनी गाड़ियों के साथ सड़कों पर निकलकर हॉर्न बजाए और खुशी जताई. तेहरान के कई इलाकों में लोग घरों की बालकनी से तेज संगीत बजाते और आतिशबाजी करते नजर आए. फुलादशहर में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और नारे लगाए. बोराजजान और ममासानी में लोगों ने झंडे लहराए और नाचते-गाते हुए जश्न मनाया. वहीं शिराज और आबादान में देर रात तक सड़कों पर लोगों की मौजूदगी बनी रही. कई नागरिकों का मानना है कि लंबे समय से चल रहे मौजूदा शासन के बाद अब देश एक नए दौर की ओर बढ़ सकता है.
Karaj residents celebrate Khamenei's death. pic.twitter.com/5xRgnFfFrZ
— Iran International English (@IranIntl_En) February 28, 2026
हालांकि, इस घटनाक्रम को लेकर पूरे देश में एक जैसी भावना नहीं है. कुछ क्षेत्रों में लोगों के बीच चिंता और असमंजस भी है. कई लोगों को डर है कि नेतृत्व में अचानक आए इस बदलाव से देश में अस्थिरता बढ़ सकती है और आने वाले समय में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है.
विदेशों में रहने वाले ईरानी समुदाय की प्रतिक्रिया
विदेशों में रहने वाले ईरानी समुदाय की प्रतिक्रिया भी काफी तेज रही. अमेरिका के लॉस एंजिल्स में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और ईरान व अमेरिका के झंडे लहराते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. लंदन, बर्लिन और मैड्रिड जैसे शहरों में भी लोगों ने अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया दी. कुछ लोगों ने इसे नए ईरान की शुरुआत बताया, जबकि अन्य ने युद्ध और हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए शांति की अपील की.
इस बीच, ईरान के सरकारी मीडिया ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत उनके दफ्तर पर हुए हमले में हुई. इससे पहले अमेरिका और इजरायल के अधिकारियों ने भी उनके मारे जाने का दावा किया था. लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने वाले खामेनेई के निधन के बाद सरकार ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. इस घटना ने न केवल ईरान बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में ईरान की राजनीतिक और सामाजिक दिशा क्या होगी.


