एक तरफ भारत को सपोर्ट, दूसरी ओर पाकिस्तान को पनडुब्बी! चीन चल रहा दोहरी चाल?
चीन ने पाकिस्तान को हैंगोर-श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी सौंपी है, जो दोनों देशों के बीच आठ पनडुब्बियों के रक्षा समझौते का हिस्सा है.

China Pakistan Submarine Deal: चीन और पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग लगातार मजबूत होता जा रहा है. इसी क्रम में चीन ने पाकिस्तान को हैंगोर-श्रेणी (Hangor-class) की तीसरी पनडुब्बी सौंप दी है. ये पनडुब्बी वुहान (हुबेई प्रांत) में आयोजित लॉन्चिंग समारोह के दौरान पाकिस्तान नौसेना को सौंपी गई. ये दोनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौते का हिस्सा है, जिसके तहत कुल आठ पनडुब्बियां बनाई जानी हैं. इनमें से चार चीन में और बाकी चार पाकिस्तान में निर्मित की जाएंगी. इसी साल मार्च 2025 में इस श्रृंखला की दूसरी पनडुब्बी पाकिस्तान को मिली थी.
पाकिस्तान-चीन की बढ़ती सैन्य साझेदारी
हैंगोर-श्रेणी की पनडुब्बियों की डिलीवरी से साफ है कि बीजिंग पाकिस्तान को अत्याधुनिक नौसैनिक क्षमताओं से लैस करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. नौसैनिक शक्ति बढ़ाने के मकसद से पाकिस्तान को चीन द्वारा आधुनिक पनडुब्बियां और फ्रिगेट दिए जा रहे हैं. लॉन्चिंग समारोह के दौरान पाकिस्तान नौसेना के डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (प्रोजेक्ट-2) वाइस एडमिरल अब्दुल समद ने कहा कि हैंगोर-श्रेणी की पनडुब्बियां 'क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.' उनके अनुसार, ये पनडुब्बियां आधुनिक हथियार प्रणालियों और उन्नत सेंसरों से लैस हैं, जो समुद्री स्थिरता सुनिश्चित करने और डिटरेंस (निरोधक क्षमता) को मजबूत करने में मददगार होंगी.
हैंगोर-श्रेणी: बेहद घातक और आधुनिक पनडुब्बियां
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हैंगोर-श्रेणी की पनडुब्बियां अपनी स्टील्थ (छलावरण) क्षमता और ताकतवर हथियार प्रणाली की वजह से बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं. चीनी नौसैनिक विशेषज्ञ झांग जुनशे ने कहा कि इन पनडुब्बियों में 'विस्तृत सेंसर सिस्टम, बेहतरीन गतिशीलता, लंबी ऑपरेशनल क्षमता और शक्तिशाली फायरपावर' है, जो इन्हें क्षेत्र की सबसे आधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों में शामिल करती है.
पाकिस्तान का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता: चीन
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के सालों में पाकिस्तान के कुल रक्षा आयात का 81% से ज्यादा हिस्सा चीन से आया है. इसमें पनडुब्बियों के अलावा चार आधुनिक नौसैनिक फ्रिगेट, 600 से ज्यादा VT-4 युद्धक टैंक और 36 J-10CE लड़ाकू विमान शामिल हैं.
2022 में पाकिस्तान को पहली बार J-10CE लड़ाकू विमान और उसका पहला जासूसी जहाज 'रिज़वान' भी चीन से ही मिला था. वहीं, भारत द्वारा आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले के कुछ ही हफ्ते बाद पाकिस्तान को ये तीसरी हैंगोर-श्रेणी की पनडुब्बी मिली है, जिसे रणनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है.


