इत्तेफाक या साजिश? अमेरिका में वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौतों ने बढ़ाई चिंता, जांच तेज
अमेरिका में वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौत और गायब होने के मामलों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. 11 वैज्ञानिकों से जुड़े इन घटनाक्रमों के बाद अब जांच तेज हो गई है और साजिश की आशंका भी जताई जा रही है.

नई दिल्ली: अमेरिका में वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौत और गायब होने के मामलों ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है. हंट्सविले, अलबामा की शोधकर्ता एमी एस्क्रिज़ की 2022 में हुई मौत अब फिर चर्चा में है, और इसे ऐसे 11 मामलों की सूची में शामिल किया जा रहा है जो अब तक रहस्य बने हुए हैं.
इन घटनाओं ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब अमेरिकी सेना, परमाणु और अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़े कम से कम 10 अन्य मामलों की जानकारी सामने आई. लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है.
वैज्ञानिकों की मौत और गायब होने के मामले
एमी एस्क्रिज़ का मामला सामने आने के बाद उन वैज्ञानिकों की सूची पर ध्यान गया है जिनकी मौत या गायब होने की घटनाएं अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई हैं. इन मामलों का संबंध संवेदनशील क्षेत्रों जैसे सेना, परमाणु कार्यक्रम और अंतरिक्ष अनुसंधान से बताया जा रहा है.
ट्रम्प ने बताया मामला गंभीर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इस पर उच्च स्तर पर चर्चा हो चुकी है. उन्होंने कहा,'मैं उम्मीद करता हूं कि यह महज एक इत्तेफाक हो, लेकिन हमें अगले डेढ़ हफ्ते में सच्चाई पता चल जाएगी.'
व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार इस मामले की जांच में कोई कमी नहीं छोड़ेगी. उन्होंने बताया कि सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर इन घटनाओं की गहराई से जांच की जा रही है.
एफबीआई और एजेंसियों की संयुक्त जांच
प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट के अनुसार, व्हाइट हाउस विभिन्न एजेंसियों और एफबीआई के साथ मिलकर इन मामलों की समीक्षा कर रहा है. जांच का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि क्या इन सभी घटनाओं के बीच कोई आपसी संबंध है. क्या यह इत्तेफाक है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे ही जांच में कोई नई जानकारी सामने आएगी, उसे जनता के साथ साझा किया जाएगा.


