नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए दावा किया है कि हालिया संघर्ष के बाद उसकी सैन्य ताकत बुरी तरह कमजोर हो चुकी है. ट्रंप ने कहा कि युद्ध के परिणामस्वरूप ईरान की रक्षा क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है और अब वह पहले जैसी स्थिति में नहीं रह गया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को किसी भी तरह की आर्थिक सहायता देने के पक्ष में नहीं है.
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किए गए कई पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि युद्ध ने ईरान की सैन्य संरचना को गंभीर रूप से प्रभावित किया है. उनके अनुसार, ईरान की वायु और समुद्री क्षमताएं कमजोर पड़ चुकी हैं और उसकी कई महत्वपूर्ण रक्षा प्रणालियां भी प्रभावित हुई हैं. ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान की सैन्य शक्ति पहले की तुलना में काफी कम हो गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस मुद्दे पर विपक्षी डेमोक्रेट नेताओं को भी निशाने पर लिया. उन्होंने उन दावों की आलोचना की जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान कुछ महीने पहले की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में है. ट्रंप ने ऐसे तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि वास्तविक स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है और संघर्ष ने ईरान की क्षमताओं को कमजोर किया है.
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हालिया तनाव के बाद बातचीत की पहल अमेरिका ने नहीं, बल्कि ईरान ने की थी. उनके मुताबिक, तेहरान की ओर से संपर्क साधने की कोशिशें इस बात का संकेत हैं कि वह मौजूदा परिस्थितियों में दबाव महसूस कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी प्रकार की जल्दबाजी में नहीं है और अपनी रणनीति पर कायम रहेगा.
उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका ईरान को आर्थिक राहत देने के लिए तैयार नहीं है. ट्रंप के अनुसार, वाशिंगटन अपनी तय समयसीमा और नीतियों के अनुसार आगे बढ़ेगा और तेहरान को वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाएगी. उनका कहना था कि दबाव की नीति ने प्रभाव दिखाया है और इससे ईरान को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ा है.
ट्रंप के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच भविष्य की वार्ताओं व क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर बहस जारी है. एक ओर ट्रंप प्रशासन का दावा है कि सख्त नीति से सकारात्मक परिणाम मिले हैं. वहीं, आलोचकों का मानना है कि केवल दबाव की रणनीति लंबे समय तक स्थायी समाधान नहीं दे सकती. ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास किस दिशा में आगे बढ़ते हैं, इस पर दुनिया की नजर बनी हुई है. First Updated : Friday, 19 June 2026