डोनाल्ड ट्रंप का एक पुराना वीडियो फिर वायरल हुआ है। इस वीडियो में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते दिखते हैं। बीच में वह कहते हैं कि वह उनका राजनीतिक करियर बर्बाद नहीं करना चाहते। यह बयान उन्होंने हल्के अंदाज में दिया था। लेकिन सोशल मीडिया पर इसे अलग तरह से दिखाया जा रहा है। कुछ लोग इसे धमकी बता रहे हैं। यही बात अब चर्चा का मुद्दा बन गई है। सवाल उठ रहा है कि असली मतलब क्या था।
ट्रेड डील के बाद यह वीडियो फिर सामने आया। सोशल मीडिया पर इसे तेजी से शेयर किया गया। कई लोगों ने इसे गंभीर बयान की तरह पेश किया। जबकि असली वीडियो में माहौल हल्का था। ट्रंप पहले मोदी की तारीफ करते हैं। फिर मजाकिया लहजे में वह बात कहते हैं। लेकिन वायरल क्लिप में पूरा संदर्भ नहीं दिखता। इससे भ्रम बढ़ा है।
पत्रकारों ने विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने वीडियो नहीं देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा कोई वीडियो है तो उचित कार्रवाई होगी। उनका लहजा सख्त था। उन्होंने साफ कहा कि सच या झूठ जो भी हो जांच होगी। यह बयान अपने आप में संकेत देता है। सरकार मामले को हल्के में नहीं लेना चाहती।
यह बयान उस समय आया था जब रूस से तेल खरीद को लेकर चर्चा चल रही थी। अमेरिका चाहता था कि भारत रूस से दूरी बनाए। भारत ने साफ किया था कि वह अपने हित देखेगा। इसी माहौल में ट्रंप ने यह टिप्पणी की थी। तब इसे ज्यादा तवज्जो नहीं मिली। लेकिन अब ट्रेड डील के बाद फिर सवाल उठ रहे हैं। क्या यह दबाव की राजनीति थी।
ट्रंप ने मोदी को महान व्यक्ति कहा था। उन्होंने कहा कि मोदी उन्हें पसंद करते हैं। फिर वह रुके और बोले कि शब्दों को गलत मत समझिए। वह उनका राजनीतिक करियर खराब नहीं करना चाहते। यह वाक्य मजाक जैसा लगा। लेकिन राजनीति में हर शब्द मायने रखता है। खासकर जब दो बड़े देश शामिल हों।
सोशल मीडिया पर क्लिप अलग अंदाज में घूम रही है। पूरा वीडियो देखने वाले कम हैं। छोटे हिस्से ज्यादा वायरल होते हैं। इससे गलतफहमी फैलती है। विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया भी इसी वजह से आई। सरकार नहीं चाहती कि कोई गलत संदेश जाए। भारत और अमेरिका के रिश्ते अहम हैं। इसलिए बयान को गंभीरता से लिया गया।
अब नजर इस बात पर है कि क्या आगे और सफाई आएगी। क्या अमेरिका की ओर से भी कुछ कहा जाएगा। फिलहाल मामला बयान और वीडियो तक सीमित है। लेकिन राजनीति में छोटी बात भी बड़ी बन जाती है। भारत ने संकेत दिया है कि वह अपने सम्मान को लेकर सजग है। आने वाले दिनों में तस्वीर और साफ हो सकती है। First Updated : Thursday, 12 February 2026