पाकिस्तान में टूटे ईरान-अमेरिका समझौते के प्रयास, वैंस ने खाड़ी के भविष्य का भार ईरान पर डाला

उप-राष्ट्रपति जेडी वांस, जो अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर इस्लामाबाद पहुंचे थे. ईरानी वार्ताकार समझौता तय नहीं कर पाए. नतीजतन बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई. इस बैठक ने दुनिया को साफ संकेत दे दिया कि तेहरान में असली फैसले कौन ले रहा है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा है कि ईरान मध्य पूर्व संघर्ष के भविष्य की कुंजी अपने पास रखता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि बॉल बहुत ज्यादा उनकी कोर्ट में है, जबकि पाकिस्तान में हुई बातचीत को अनिर्णायक बताते हुए भी आगे वार्ता की संभावना से इनकार नहीं किया. 

पाकिस्तान दौरे के बाद वांस के इन बयानों ने वैश्विक ध्यान खींचा है. पाकिस्तान में ईरानी अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत में खाड़ी क्षेत्र में शांति स्थापित करने का प्रयास किया गया, हालांकि रिपोर्ट्स में कहा गया कि चर्चाएं कोई ठोस प्रगति नहीं कर सकीं. मीडिया से सोमवार को बात करते हुए वांस ने कहा, अब सब कुछ उन्हीं के हाथ में है. आगे क्या होगा, यह पूछे जाने पर मेरा मानना ​​है कि ईरानी ही घटनाक्रम का फैसला करेंगे.

ईरान के साथ पाक में हुई बातचीत पर वांस का बयान

वांस ने वीकेंड में हुई चर्चाओं को उत्पादक बताया और कहा कि इससे अमेरिका की प्राथमिकताएं स्पष्ट हुईं, जिनमें हार्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है. यह अंतरराष्ट्रीय तेल शिपमेंट के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा चोकपॉइंट है. मैं यह नहीं कहूंगा कि सब कुछ गलत हो गया. कुछ सकारात्मक घटनाक्रम भी हुए. हमने काफी प्रगति की, वैंस ने कहा. वे हमारी दिशा में कुछ हद तक आगे बढ़े, इसीलिए हमें कुछ उत्साहजनक संकेत देखने को मिले, हालांकि उनकी प्रगति अपर्याप्त थी.

वार्ता क्यों अनिर्णायक रही?

वांस ने मीडिया को बताया कि पाकिस्तान में बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हुई क्योंकि ईरानी वार्ताकार डील को अंतिम रूप नहीं दे सके. इस्लामाबाद में हुई बैठक से यह समझ में आया कि तेहरान में फैसले किसके हाथ में हैं.  उन्होंने बताया, हमें ईरान के वार्ता दृष्टिकोण की समझ आ गई थी, इसीलिए हम पाकिस्तान से रवाना हुए. यह स्पष्ट हो गया कि उपस्थित टीम किसी समझौते पर नहीं पहुंच सकती थी. उन्हें हमारे द्वारा प्रस्तावित शर्तों के लिए सर्वोच्च नेता या अन्य अधिकारियों से अनुमोदन प्राप्त करने के लिए तेहरान लौटना पड़ा.

ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड की घोषणा की

इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सभी ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड की घोषणा कर दी. यह कदम हार्मुज जलडमरूमध्य को ईरान द्वारा बंद किए जाने के बाद बढ़ते तनाव के कई हफ्तों के बाद उठाया गया.  वांस ने ईरान के इस कृत्य को वैश्विक समुदाय के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद बताया. उन्होंने कहा, जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिखाया, इस खेल में दो लोग शामिल हो सकते हैं.

हार्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की उम्मीद

अमेरिकी नौसेना को हार्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी ईरान से जुड़े जहाजों की पहचान कर उन्हें रोकने का निर्देश दिया गया है. वांस ने उम्मीद जताई कि ईरान इस महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग को पूरी तरह खोल देगा, जो पाकिस्तान वार्ता के दौरान ईरान की तरफ से प्रमुख मुद्दा था. उन्होंने मीडिया को बताया, हमने देश पर बमबारी बंद कर दी है. हमें उम्मीद है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य तक पूरी पहुंच की अनुमति देगा.

प्रशासन का यह रुख ईरानी तेल निर्यात पर रोक लगाकर हार्मुज को फिर से खोलने के लिए दबाव बढ़ाने की दिशा में एक कदम है. वांस ने चेतावनी दी, यदि ईरान आर्थिक आतंकवाद जारी रखता है, तो हम यह सिद्धांत लागू करेंगे कि कोई भी ईरानी जहाज देश से बाहर नहीं निकल पाएगा. यह उनके लिए महत्वपूर्ण है और इससे आर्थिक दबाव बढ़ेगा.

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