Pakistan Demand Apology From Elon Musk: पाकिस्तान में एलन मस्क और उनकी कंपनी स्टारलिंक को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. स्टारलिंक को पाकिस्तान में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के लिए लाइसेंस की जरूरत है, लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है. हाल ही में पाकिस्तान की सीनेट की सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार समिति ने स्टारलिंक के लाइसेंस पर चर्चा की और मस्क पर ''एंटी-पाकिस्तान प्रोपेगैंडा'' फैलाने का आरोप लगाया.
मस्क की सोशल मीडिया टिप्पणियों से विवाद
आपको बता दें कि एलन मस्क की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर की गई कुछ टिप्पणियों ने पाकिस्तान में बवाल खड़ा कर दिया है. समिति की अध्यक्ष पल्लवशा मोहम्मद जई खान ने बताया कि कई सीनेटरों ने मस्क की आलोचना की, क्योंकि उन्होंने इंग्लैंड में बच्चों के यौन शोषण के मामलों में पाकिस्तानी मूल के लोगों की संलिप्तता पर ध्यान केंद्रित किया था. इन टिप्पणियों को ''पाकिस्तान विरोधी'' माना गया.
माफी के बिना लाइसेंस पर चर्चा मुश्किल
बताते चले कि समिति ने सुझाव दिया कि मस्क अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगें, जिससे लाइसेंस की प्रक्रिया आगे बढ़ सके. हालांकि, समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि माफी को लाइसेंस देने की पूर्व-शर्त नहीं बनाया जाएगा.
विवाद की पृष्ठभूमि
इसके अलावा आपको बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब मस्क ने ब्रिटेन में यौन शोषण के मामलों पर टिप्पणी की. इनमें रोथरहैम का मामला प्रमुख था, जहां 16 वर्षों में करीब 1,400 लड़कियों का शोषण हुआ. अदालती जांच में कई दोषियों को सजा हुई, जिनमें से अधिकांश दक्षिण एशियाई मूल के थे.
भारतीय सांसद की टिप्पणी और मस्क का समर्थन
आपको बता दें कि 8 जनवरी को एक भारतीय सांसद ने 'एक्स' पर लिखा, ''ये एशियन ग्रूमिंग गैंग्स नहीं, बल्कि पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स हैं.'' इस पर मस्क ने जवाब देते हुए लिखा, 'सही' उनकी इस टिप्पणी के बाद मामला और गर्म हो गया.
मस्क का बढ़ता राजनीतिक प्रभाव
एलन मस्क, जो अपने स्पेसएक्स और टेस्ला प्रोजेक्ट्स के लिए जाने जाते हैं, हाल के वर्षों में राजनीतिक रूप से सक्रिय हुए हैं. उनके बयान अक्सर बड़े विवादों को जन्म देते हैं.
मामला क्यों है संवेदनशील?
इसके अलावा आपको बता दें कि ब्रिटेन के ऐतिहासिक यौन शोषण के ये मामले काफी संवेदनशील हैं. कुछ लोगों का मानना है कि इन मामलों का इस्तेमाल इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है. वहीं, कई का तर्क है कि इन मुद्दों पर खुलकर चर्चा की जानी चाहिए. First Updated : Friday, 24 January 2025