Madagascar political crisis: दुनियाभर में उभरती जेनरेशन जेड की आवाज एक बार फिर सत्ता की नींव हिला गई है. इस बार यह आंदोलन अफ्रीकी देश मेडागास्कर में हुआ, जहां व्यापक जनआक्रोश और सैन्य समर्थन के चलते राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना को देश छोड़कर भागना पड़ा. यह घटनाक्रम नेपाल में हाल ही में सरकार गिरने की घटना के कुछ ही सप्ताह बाद हुआ है, जहां इसी पीढ़ी के आंदोलन ने प्रधानमंत्री को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया था.
मेडागास्कर की संसद में विपक्ष के नेता सितेनी रेंड्रियानासोलोनियाको ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को जानकारी दी कि राष्ट्रपति राजोइलिना रविवार को देश से बाहर चले गए. उन्होंने कहा, "हमने राष्ट्रपति कार्यालय से संपर्क किया और वहां से यह पुष्टि की गई कि राष्ट्रपति अब देश में नहीं हैं. उनका ठिकाना फिलहाल अज्ञात है."
हालांकि, राष्ट्रपति का सोमवार शाम 7 बजे राष्ट्र को संबोधित करने का कार्यक्रम निर्धारित था. इसी दौरान राजोइलिना ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से बताया कि 25 सितंबर से उन पर जानलेवा हमले और तख्तापलट की साजिशें रची जा रही थीं. उन्होंने कहा, “मुझे अपनी जान बचाने के लिए एक सुरक्षित जगह पर शरण लेनी पड़ी.”
मेडागास्कर में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 25 सितंबर को हुई थी. यह शुरुआत पानी और बिजली की भारी किल्लत के खिलाफ युवाओं के विरोध के रूप में हुई, लेकिन जल्द ही ये आंदोलन भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता और बुनियादी सेवाओं की कमी के खिलाफ व्यापक जनाक्रोश में बदल गया. यह प्रदर्शन ज़्यादातर जेनरेशन जेड, यानी नई पीढ़ी के नेतृत्व में हुआ.
राष्ट्रपति राजोइलिना की सबसे बड़ी समर्थन इकाई कैपसैट (CAPSAT), जिसने 2009 में उन्हें सत्ता दिलाने में मदद की थी, अब उनके खिलाफ हो गई. इस सैन्य इकाई ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से इनकार कर दिया और राजधानी एंटानानारिवो के मुख्य चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा प्रदान की. बाद में इस यूनिट ने खुद को सेना का नियंत्रणकर्ता घोषित करते हुए एक नए सेना प्रमुख की नियुक्ति कर दी. इसके साथ ही राजोइलिना की सत्ता में पकड़ कमजोर पड़ गई और उन्होंने देश छोड़ने का निर्णय लिया.
मेडागास्कर के कानून के अनुसार, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में सीनेट के अध्यक्ष को कार्यकारी प्रमुख का दायित्व सौंपा जाता है. हालांकि, मौजूदा अध्यक्ष पर जनता का गुस्सा था और उन्हें पद से हटा दिया गया. उनकी जगह जीन आंद्रे एन्ड्रेमंजारी को अस्थायी कार्यभार सौंपा गया है.
साथ ही, अर्धसैनिक बल जेंडरमेरी के एक धड़े ने भी सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि देश की सत्ता अब पूर्णतः बदल चुकी है.
First Updated : Tuesday, 14 October 2025